पूर्वोत्तर भारत में असम के मोरीगांव में रिक्टर स्केल पर 5.1 तीव्रता का भूकंप आया। झटके मेघालय, अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर और बांग्लादेश तक महसूस किए गए। फिलहाल जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
New Delhi: पूर्वोत्तर भारत में सोमवार तड़के भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। असम के मोरीगांव जिले को भूकंप का केंद्र माना गया और इसके असर का दायरा मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और बांग्लादेश तक फैला। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की रिपोर्ट के अनुसार, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई और इसकी गहराई लगभग 50 किलोमीटर थी। अधिकारियों ने फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं दी है।
भूकंप का केंद्र और समय
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने बताया कि भूकंप 04:17:40 IST पर आया। इसका केंद्र असम के मोरीगांव जिले के ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट पर 26.37 उत्तरी अक्षांश और 92.29 पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप के झटके इतनी तीव्रता से आए कि कई जिलों में लोग घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे।
असम और आसपास के जिलों में असर
भूकंप के झटके असम के कई जिलों में महसूस किए गए। इसमें कामरूप महानगर, नगांव, पूर्वी कार्बी आंगलोंग, पश्चिमी कार्बी आंगलोंग, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज, हैलाकांडी, धुबरी, दक्षिण शालमारा-मानकाचर और ग्वालपाड़ा शामिल हैं। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर दर्रांग, तामुलपुर, सोनितपुर, कामरूप, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, नलबाड़ी, बजाली, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर में भी झटके महसूस किए गए।
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में प्रभाव
भूकंप के झटके अरुणाचल प्रदेश के मध्य-पश्चिमी हिस्से के कई इलाकों, पूरे मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में महसूस किए गए। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के कुछ इलाके और पड़ोसी देशों जैसे मध्य-पूर्वी भूटान, चीन के कुछ हिस्सों और बांग्लादेश में भी हलचल महसूस की गई।
लोगों की प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपाय
भूकंप के झटके महसूस होने पर लोग अपने घरों से बाहर खुले स्थानों की ओर भागे। पूर्वोत्तर क्षेत्र उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है, इसलिए यहाँ भूकंप के झटके अक्सर महसूस होते रहते हैं। अधिकारियों और वैज्ञानिकों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और घरों की कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी है।
भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि पूर्वोत्तर भारत एक उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है और यहां अलग-अलग तीव्रता के भूकंप समय-समय पर आते रहते हैं। असम और आसपास के क्षेत्र में भूकंप का असर अधिक इसलिए महसूस होता है क्योंकि यह ब्रह्मपुत्र घाटी और हिमालयी टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित है।
नेपाल में हाल के भूकंप
असम में आए इस भूकंप का संबंध नेपाल में हाल ही में आए भूकंपों से भी जोड़ा जा सकता है। सप्ताहांत में पूर्वी नेपाल के उदयपुरा जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका केंद्र बागापति था। इससे पहले ताप्लेजुंग जिले में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। नेपाल हिमालय क्षेत्र के सबसे सक्रिय टेक्टोनिक क्षेत्रों में से एक में स्थित है, इसलिए यह पूरे साल भूकंपों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील रहता है। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में फिलहाल कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ।











