ग्वालियर पुलिस ने दो नाबालिग वाहन चोरों को पकड़ लिया। वे स्कूली छात्र हैं और अब तक आठ बाइक चोरी कर चुके हैं। चोरी के पीछे उनका मकसद व्यापार शुरू करने के लिए पैसे जुटाना था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।
Madhya Pradesh: ग्वालियर में पुलिस के लिए पिछले कुछ दिनों से दो नाबालिग वाहन चोर सिरदर्द बन गए थे। पुलिस ने लाल टिपारा इलाके में हुई बाइक चोरी की घटनाओं के CCTV फुटेज खंगालकर उनकी पहचान की। रविवार को टिपारा गौशाला के पास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों से अब तक चोरी की आठ बाइक बरामद की हैं। इनमें सात बाइक ग्वालियर से और एक शिवपुरी से चोरी की गई थी। दोनों आरोपी एक ही स्कूल के छात्र हैं और वहीं उनकी दोस्ती हुई थी।
पकड़ने में लगी तीन दिन की निगरानी
एएसपी अनु बेनीवाल ने बताया कि मुरार इलाके में लगातार बाइक चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने संदिग्धों को पकड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद एसआई संतोष यादव को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई।

पुलिस ने मुरार थाना क्षेत्र में लगे जनभागीदारी और अन्य CCTV कैमरों की फुटेज जांची। दो स्थानों पर संदिग्ध चोरी करते हुए कैद हुए। फिर प्रधान आरक्षक दर्शन सिंह और आरक्षक संजय गुर्जर को इनकी तलाश की जिम्मेदारी दी गई। करीब तीन दिनों की निगरानी के बाद रविवार को लाल टिपारा गौशाला के पास उन्हें पकड़ लिया गया।
चोरी के पीछे पैसा और शॉर्टकट की योजना
पुलिस पूछताछ में पता चला कि पकड़े गए दोनों की उम्र 16 और 17 साल है। इनमें से एक दसवीं और दूसरा 11वीं कक्षा का छात्र है। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने वाहन चोरी करना शुरू किया।
दोनों ने पुलिस को बताया कि वे अपने महंगे शौक पूरे करना चाहते थे और भविष्य में देश का बड़ा बिजनेसमैन बनना चाहते थे। लेकिन पैसे की कमी के कारण उन्होंने शॉर्टकट अपनाया और चोरी की।
छोटी उम्र में बड़ी वारदातें
पूछताछ में नाबालिगों ने बताया कि उन्होंने अब तक आठ बाइक चोरी की हैं। चोरी की सभी वारदातों को उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया। ग्वालियर पुलिस अब उन्हें बाल अपचार अधिनियम के तहत जांच में लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस गिरफ्तारी से इलाके में वाहन चोरी की वारदातों पर अंकुश लगेगा और ऐसे नाबालिग अपराधियों के लिए चेतावनी भी होगी।











