Bharat Coking Coal Limited (BCCL) 2026 का पहला IPO 9 जनवरी से खुल रहा है। प्राइस बैंड ₹21–23, रिटेल लॉट 600 शेयर। अलॉटमेंट 14 जनवरी, लिस्टिंग 16 जनवरी NSE और BSE पर होगी।
IPO Update: कोल इंडिया की पूरी तरह से मालिकाना हक वाली कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (Bharat Coking Coal Limited - BCCL) 2026 का पहला पब्लिक इश्यू लेकर आ रही है। यह आईपीओ 9 जनवरी को खुलेगा और 13 जनवरी को बंद होगा। वहीं, एंकर निवेशकों के लिए बोली 8 जनवरी को होगी।
Bharat Coking Coal का यह IPO भारत सरकार के कोल सेक्टर में डीमर्जर योजना का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य कोल इंडिया की सब्सिडियरी कंपनियों की वैल्यू बढ़ाना और बाजार में पारदर्शिता लाना है। इससे निवेशकों को कोल सेक्टर में सीधे निवेश का अवसर मिलेगा।
IPO का प्राइस बैंड और आवेदन प्रक्रिया
कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये तय किया है। निवेशक इस आईपीओ में एक लॉट में कम से कम 600 शेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं। अगर कोई निवेशक प्राइस बैंड के अपर रेंज पर अप्लाई करता है, तो एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश लगभग 13,800 रुपये होगा।
BCCL IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) पर है। इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं होगा। प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड 46.57 करोड़ शेयर बेच रही है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ से कंपनी को कोई पैसा प्राप्त नहीं होगा।
इस आईपीओ का हिस्साबंदी भी तय की गई है। योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB) के लिए 50 प्रतिशत, रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII) के लिए 15 प्रतिशत रिजर्व रखा गया है। रिटेल निवेशक न्यूनतम 600 शेयर के लिए आवेदन कर सकते हैं और उसके बाद मल्टिपल में भी अप्लाई कर सकते हैं।
IPO अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीख
Bharat Coking Coal के शेयरों का अलॉटमेंट 14 जनवरी को किया जाएगा। रिफंड और डीमैट खातों में शेयर 15 जनवरी को आएंगे। इसके बाद 16 जनवरी को शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होंगे। लिस्टिंग के दिन निवेशक सीधे बाजार में BCCL के शेयरों को खरीद और बेच सकते हैं।
BCCL की पावर और बाजार में स्थिति
Bharat Coking Coal Limited वित्त वर्ष 2025 में देश की सबसे बड़ी घरेलू कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी रही है। कंपनी की हिस्सेदारी कुल कोकिंग कोल उत्पादन में 58.50 प्रतिशत थी। इसका मतलब है कि BCCL देश के कोकिंग कोल मार्केट में प्रमुख खिलाड़ी के रूप में काम कर रही है।
बीसीसीएल का मुख्य व्यवसाय कोयला उत्पादन है। कंपनी देशभर में कोकिंग कोल खानों का संचालन करती है और कोल इंडिया की सबसे महत्वपूर्ण सब्सिडियरी में से एक मानी जाती है। यह कोल इंडिया की डीमर्जर योजना के तहत लिस्ट होने जा रही है, जिसका उद्देश्य कंपनी की वैल्यू बढ़ाना और निवेशकों के लिए पारदर्शिता लाना है।
सरकार की डीमर्जर योजना
Bharat Coking Coal IPO सरकार की कोल सेक्टर में डीमर्जर योजना का हिस्सा है। इस योजना का उद्देश्य कोल इंडिया लिमिटेड की सब्सिडियरी कंपनियों की वैल्यू बढ़ाना और उन्हें अलग-अलग पब्लिक इश्यू के माध्यम से बाजार में लाना है। इससे निवेशकों को सीधे कोल सेक्टर में निवेश करने का मौका मिलेगा और कंपनियों के प्रदर्शन को सार्वजनिक रूप से आंका जा सकेगा।
इस योजना से पहले 2025 में कोल इंडिया की एक और सब्सिडियरी कंपनी CMPDIL ने भी IPO के लिए SEBI में DRHP दाखिल किया था। वह IPO भी ऑफर फॉर सेल के जरिए लाया जाना था। CMPDIL का काम तकनीकी और योजना से जुड़ा होता है, जबकि BCCL मुख्य रूप से कोयला उत्पादन करती है।












