असम कैबिनेट के बड़े फैसले: चाय निगम कर्मचारियों के लिए VRS पैकेज मंजूर, होमस्टे रजिस्ट्रेशन नियमों को मिली हरी झंडी

असम कैबिनेट ने टी कॉर्पोरेशन कर्मचारियों के VRS के लिए 9.75 करोड़ रुपये मंजूर किए। होमस्टे रजिस्ट्रेशन नियम, भूमि संशोधन नए मानकों को भी मंजूरी मिली है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में असम कैबिनेट ने टी कॉर्पोरेशन कर्मचारियों के VRS के लिए 9.75 करोड़ रुपये मंजूर किए। साथ ही नए होमस्टे नियम, भूमि सुधार संशोधन, स्कूल मानक और राशन दुकानों के लाइसेंस विस्तार को भी मंजूरी दी।

गुवाहाटी: असम सरकार ने राज्य के आर्थिक विकास, पर्यटन विस्तार, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में गुवाहाटी स्थित लोक सेवा भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई नीतिगत प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में निवेश को आकर्षित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और विभिन्न क्षेत्रों में संरचनात्मक सुधार सुनिश्चित करना है।

कैबिनेट की बैठक में सबसे प्रमुख निर्णयों में असम टी कॉरपोरेशन लिमिटेड (ATCL) के कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) को वित्तीय सहायता प्रदान करना, होमस्टे रजिस्ट्रेशन के नए नियम लागू करना और भूमि पुनर्वर्गीकरण से जुड़े कानून में संशोधन शामिल हैं।

चाय निगम कर्मचारियों के लिए 9.75 करोड़ रुपये का VRS पैकेज

असम कैबिनेट ने राज्य की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था असम टी कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) लागू करने हेतु 9.75 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि यह राशि निगम को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि लंबे समय से प्रस्तावित VRS योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस कदम से निगम के वित्तीय बोझ को कम करने और संस्थान के पुनर्गठन में मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाएं कर्मचारियों को सम्मानजनक विकल्प प्रदान करने के साथ-साथ संस्थानों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक होती हैं।

होमस्टे रजिस्ट्रेशन के नए नियमों को मंजूरी

पर्यटन क्षेत्र को नई गति देने के उद्देश्य से असम कैबिनेट ने असम पर्यटन आवास (विकास एवं पंजीकरण) नियम, 2026 के तहत होमस्टे पंजीकरण से जुड़े नए नियमों को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था के तहत होमस्टे संचालकों को सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा मिलेगी। इससे प्रक्रियाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी होंगी। साथ ही पंजीकरण का स्वत: नवीनीकरण (ऑटो-रिन्यूअल) प्रत्येक तीन वर्ष में किया जाएगा, जिससे छोटे पर्यटन उद्यमियों को प्रशासनिक जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे। होमस्टे मॉडल को दुनिया भर में सामुदायिक पर्यटन के सफल उदाहरण के रूप में देखा जाता है, जहां पर्यटक स्थानीय संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करते हैं।

निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए भूमि कानून में संशोधन

कैबिनेट ने असम रेगुलेशन ऑफ री-क्लासिफिकेशन एंड री-क्लासिफिकेशन कम ट्रांसफर ऑफ लैंड्स (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। यह विधेयक आगामी बजट सत्र में राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को अधिक सरल और निवेश-अनुकूल बनाना है। विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), हाइड्रोकार्बन, सौर ऊर्जा तथा कृषि भूमि के गैर-कृषि उपयोग जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

असम सरकार का मानना है कि स्पष्ट और आसान भूमि नीतियां घरेलू तथा विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार सृजन के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

राशन दुकानों के लाइसेंस की अवधि बढ़ाई गई

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने राज्यभर की उचित मूल्य दुकानों (Fair Price Shops) के लाइसेंस की वैधता बढ़ाने का फैसला किया है।

असम कैबिनेट के बड़े फैसले: चाय निगम कर्मचारियों के लिए VRS पैकेज मंजूर, होमस्टे रजिस्ट्रेशन नियमों को मिली हरी झंडी

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, इन दुकानों के लाइसेंस अब 31 दिसंबर 2026 तक वैध रहेंगे। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निरंतरता बनी रहेगी और लाखों लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सकेगा। खाद्य सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राशन वितरण नेटवर्क का सुचारू संचालन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में राहत

कैबिनेट बैठक में असम प्राइवेट यूनिवर्सिटीज एक्ट, 2007 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। संशोधन के तहत निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए आवश्यक न्यूनतम भूमि मानदंडों में बदलाव किया गया है।

सरकार का उद्देश्य राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना को आसान बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे असम में उच्च शिक्षा के नए अवसर विकसित होंगे और छात्रों को राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। शिक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ने से अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्कूल शिक्षा क्षेत्र के लिए नए मानक लागू

असम कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा क्षेत्र के लिए भी नए नियामक मानकों को मंजूरी दी है। नए नियमों के अनुसार, प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों के लिए न्यूनतम निर्मित क्षेत्र का निर्धारण किया गया है।

शहरी क्षेत्रों में स्कूलों के लिए कम से कम एक बीघा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बीघा भूमि होना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सभी शैक्षणिक संस्थानों को स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, सुरक्षा दीवार, आपदा प्रबंधन और दिव्यांगजनों के लिए सुलभता जैसे मानकों का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है। शिक्षा विशेषज्ञों ने भी बुनियादी सुविधाओं को अनिवार्य बनाने के निर्णय का स्वागत किया है।

विकास और प्रशासनिक सुधार पर सरकार का फोकस

कैबिनेट के ताजा फैसले यह संकेत देते हैं कि असम सरकार आर्थिक विकास, पर्यटन विस्तार, शिक्षा सुधार और निवेश आकर्षित करने की दिशा में बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है। एक ओर जहां पर्यटन और उद्योग क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए नियमों को सरल बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसी बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बैठक के बाद कहा कि सरकार राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लगातार नीतिगत सुधार कर रही है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगली कैबिनेट बैठक 4 जुलाई को आयोजित की जाएगी, जिसमें विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। असम कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य निवेश, रोजगार, पर्यटन और सामाजिक बुनियादी ढांचे को एक साथ मजबूत करना है।

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