असम के कछार में 23 हजार Yaba टैबलेट जब्त, ट्रक चालक गिरफ्तार

गुवाहाटी: असम के कछार में पुलिस ने 23,000 Yaba टैबलेट और करीब 25 किलो Methamphetamine जब्त किया। ट्रक चालक को किया गिरफ्तार, ड्रग नेटवर्क की जांच जारी।

असम के कछार जिले में पुलिस ने मंगलवार शाम एक ट्रक से 23,000 Yaba टैबलेट बरामद करने का दावा किया। अधिकारियों के अनुसार, जब्त Methamphetamine का वजन करीब 25 किलोग्राम है। मामले में ट्रक चालक साहिर हुसैन चौधरी गिरफ्तार हुआ है।

गुवाहाटी: असम पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कछार जिले में 23,000 Yaba टैबलेट जब्त करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, जब्त नशीले पदार्थों का वजन करीब 25 किलोग्राम है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मंगलवार शाम विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की। अधिकारियों के मुताबिक, लखीपुर पुलिस थाना क्षेत्र के शिवपुर इलाके में एक ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन के भीतर विशेष रूप से तैयार किए गए एक गुप्त चैंबर में नशीले पदार्थ छिपाकर रखे जाने का पता चला।

गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ट्रक रोका

असम पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, उन्हें क्षेत्र में मादक पदार्थों की संभावित आवाजाही को लेकर विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने शिवपुर इलाके में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध ट्रक को रोककर जांच की।

वाहन की सामान्य तलाशी के दौरान जब संदिग्धता बढ़ी, तो पुलिस ने ट्रक के अंदर बने विशेष चैंबर की जांच की। अधिकारियों का कहना है कि इसी चैंबर से बड़ी मात्रा में Yaba टैबलेट बरामद की गईं।

पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब असम में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है।

करीब 25 किलोग्राम Methamphetamine बरामद

कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास ने बरामदगी की पुष्टि की है। उनके अनुसार, जब्त किए गए नशीले पदार्थों का कुल वजन करीब 25 किलोग्राम Methamphetamine है।

Yaba टैबलेट को आम तौर पर Methamphetamine आधारित सिंथेटिक ड्रग के रूप में जाना जाता है। इसका अवैध कारोबार और तस्करी कई क्षेत्रों में कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है।

पुलिस ने बताया कि बरामद टैबलेट की संख्या करीब 23,000 है। अधिकारियों ने इसे मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण बरामदगी बताया है।

ट्रक चालक गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में ट्रक चालक को हिरासत में लिया है। उसकी पहचान साहिर हुसैन चौधरी के रूप में हुई है, जो कछार जिले के गोबिंदापुर पार्ट-II का रहने वाला बताया गया है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में अपराध साबित नहीं करती। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बरामद नशीले पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था।

गुप्त चैंबर में छिपाई गई थी खेप

इस मामले में पुलिस की जांच का एक अहम पहलू ट्रक में बनाया गया विशेष चैंबर है। अधिकारियों के अनुसार, तस्करों ने नशीले पदार्थों को सामान्य नजर से छिपाने के लिए वाहन के अंदर अलग जगह तैयार की थी।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां अक्सर वाहन के डिजाइन, उसके मालिकाना रिकॉर्ड, ड्राइवर के संपर्कों और यात्रा से जुड़े दस्तावेजों की जांच करती हैं। कछार मामले में भी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रक की आवाजाही किन स्थानों के बीच हुई थी।

जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि इस खेप से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।

बड़े ड्रग नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच केवल गिरफ्तार किए गए व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अब उस नेटवर्क की पहचान करने की कोशिश कर रही है जिसके जरिए इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आवाजाही की गई।

जांच में तस्करी के स्रोत, संभावित सप्लायर, परिवहन व्यवस्था और गंतव्य से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। यदि पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं में नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस का मानना है कि बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी के पीछे व्यापक तस्करी नेटवर्क की भूमिका की जांच जरूरी है।

असम में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान

असम पुलिस पिछले कुछ समय से राज्य में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है। राज्य की भौगोलिक स्थिति और अंतरराज्यीय संपर्कों के कारण पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां ड्रग तस्करी की आवाजाही पर लगातार नजर रखती हैं।

कछार जिले में हुई यह बरामदगी भी इसी अभियान का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई कर नशीले पदार्थों की बड़ी खेप को आगे पहुंचने से रोका गया।

हालांकि, बरामदगी के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इस खेप का स्रोत और इसके पीछे काम करने वाला नेटवर्क कौन सा है। जांच आगे बढ़ने के साथ इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।

कानूनी कार्रवाई शुरू, जांच जारी

पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार व्यक्ति से पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं के जरिए तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।

जांच एजेंसियां जब्त किए गए नशीले पदार्थों, वाहन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच करेंगी। पुलिस का उद्देश्य इस मामले में केवल खेप की बरामदगी तक सीमित न रहकर इसके पीछे मौजूद पूरे नेटवर्क का पता लगाना है। असम पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़ी नशीली दवाओं की खेप को जब्त किए जाने का दावा सामने आया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि 23,000 Yaba टैबलेट कछार तक कैसे पहुंचीं और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे।

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