असम में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 21 और लोगों की मौत हो गई, जबकि 5.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। कई जिले जलमग्न हैं और राहत-बचाव अभियान तेज़ी से जारी है।
गुवाहाटी: पूर्वोत्तर भारत का राज्य असम एक बार फिर भीषण बाढ़ की चपेट में है। लगातार हो रही भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में पानी भरने से हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 21 और लोगों की मौत हो गई है, जबकि लगभग 5.65 लाख लोग इस आपदा से प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, बाढ़ का असर राज्य के कई जिलों में तेजी से फैल रहा है। प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
कई जिलों में बाढ़ का व्यापक असर
ASDMA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बिस्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग, नगांव, शिवसागर और तिनसुकिया शामिल हैं। इन जिलों के अनेक गांव और कस्बे जलमग्न हो चुके हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन नावों और अन्य वैकल्पिक साधनों के जरिए लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा है। यहां बाढ़ के पानी में डूबने से 13 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में चार महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। इसके अलावा चराइदेव जिले में पांच लोगों, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं, की जान चली गई। गोलाघाट जिले में दो तथा जोरहाट जिले में एक व्यक्ति की मौत दर्ज की गई है। इन घटनाओं ने राज्य में बाढ़ की गंभीरता को और बढ़ा दिया है तथा प्रशासन के सामने राहत और पुनर्वास की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
लाखों लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से 5,64,600 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई लोग अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में पीने के स्वच्छ पानी, भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की मांग बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और विभिन्न एजेंसियां राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं।
राहत और बचाव अभियान जारी
राज्य सरकार, जिला प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। कई स्थानों पर नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है।
लगातार बारिश बनी बड़ी चुनौती
मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने राहत कार्यों को और कठिन बना दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे नए क्षेत्रों में भी जलभराव की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्षा का यही क्रम जारी रहा तो आने वाले दिनों में प्रभावित इलाकों की संख्या और बढ़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और निचले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।
कृषि और बुनियादी ढांचे को नुकसान
बाढ़ का असर केवल जनजीवन तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि क्षेत्र पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है। हजारों हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद होने की आशंका है। इसके अलावा कई ग्रामीण सड़कें, पुल और अन्य सार्वजनिक ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ीं
बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दल भेजे हैं और लोगों को स्वच्छ पानी पीने तथा संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। राहत शिविरों में स्वास्थ्य जांच, दवाइयों का वितरण और टीकाकरण जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि किसी बड़े स्वास्थ्य संकट से बचा जा सके।
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा अधिक है, वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दलों की तैनाती की जा रही है।
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन हाई अलर्ट पर है और संभावित आपात स्थिति से निपटने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश की तीव्रता कम नहीं हुई तो बाढ़ का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।








