IIM गुवाहाटी ने शुरू किया पहला MBA सत्र: 52 छात्रों के साथ भारत के 22वें IIM की औपचारिक शुरुआत

IIM गुवाहाटी ने 52 छात्रों के पहले MBA बैच के साथ शैक्षणिक सत्र शुरू किया। यह भारत का 22वां और पूर्वोत्तर का दूसरा IIM है, जिसे IIM अहमदाबाद मार्गदर्शन देगा

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) गुवाहाटी ने अपने पहले MBA बैच के साथ शैक्षणिक यात्रा शुरू कर दी है। 52 छात्रों के पहले बैच का स्वागत किया गया। यह भारत का 22वां IIM और पूर्वोत्तर क्षेत्र का दूसरा IIM है।

गुवाहाटी: असम ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) गुवाहाटी के पहले शैक्षणिक सत्र की औपचारिक शुरुआत कर दी है। संस्थान ने अपने पहले MBA बैच में देश के विभिन्न राज्यों से आए 52 छात्रों का स्वागत किया। यह न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।

IIM गुवाहाटी भारत का 22वां भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) है और IIM शिलांग के बाद पूर्वोत्तर क्षेत्र का दूसरा IIM बन गया है। इससे क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय छात्रों को देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों जैसी सुविधाएं अपने क्षेत्र में ही मिल सकेंगी।

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने जताया विश्वास

संस्थान के उद्घाटन अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि IIM गुवाहाटी केवल एक नया शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह असम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा और राज्य को प्रबंधन शिक्षा, नवाचार तथा उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्र सरकार के सहयोग का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने संस्थान की स्थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पहल और सहयोग से यह परियोजना संभव हो सकी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में IIM गुवाहाटी देश के अग्रणी प्रबंधन संस्थानों में अपनी जगह बनाएगा और वैश्विक स्तर पर भी पहचान स्थापित करेगा।

फिलहाल अस्थायी परिसर से हो रही पढ़ाई

IIM गुवाहाटी फिलहाल अपने अस्थायी परिसर टेक सिटी, बोंगोरा से संचालित हो रहा है। यह परिसर लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थित है, जिससे छात्रों और शिक्षकों के लिए बेहतर संपर्क सुविधा उपलब्ध है। संस्थान का स्थायी परिसर असम के कामरूप जिले में विकसित किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संस्थान आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, शोध केंद्रों, छात्रावासों, डिजिटल लाइब्रेरी और नवाचार केंद्रों से सुसज्जित एक पूर्ण विकसित परिसर में स्थानांतरित होगा।

IIM अहमदाबाद करेगा मार्गदर्शन

संस्थान के शुरुआती विकास चरण में देश के प्रतिष्ठित IIM अहमदाबाद को इसका मेंटर नियुक्त किया गया है। IIM अहमदाबाद शैक्षणिक पाठ्यक्रम तैयार करने, फैकल्टी विकास, शोध गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्था और संस्थागत निर्माण में सहयोग देगा। इससे IIM गुवाहाटी को शुरुआत से ही उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रशासनिक संरचना विकसित करने में मदद मिलेगी।

देशभर से आए पहले बैच के छात्र

पहले MBA बैच में शामिल 52 छात्र भारत के विभिन्न राज्यों और विविध शैक्षणिक पृष्ठभूमियों से आए हैं। संस्थान का उद्देश्य केवल पारंपरिक प्रबंधन शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना है जो बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था, डिजिटल परिवर्तन, सतत विकास और सामाजिक चुनौतियों का समाधान खोज सकें।

पूर्वोत्तर में प्रबंधन शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

IIM गुवाहाटी की स्थापना से पूर्वोत्तर भारत के छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता कम होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संस्थान क्षेत्र में प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर विकसित करने के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भी आकर्षित करेगा। इससे पूर्वोत्तर भारत में शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का नया पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सकता है।

IIM गुवाहाटी ने शुरू किया पहला MBA सत्र: 52 छात्रों के साथ भारत के 22वें IIM की औपचारिक शुरुआत

उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

IIM गुवाहाटी का प्रभाव केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। संस्थान क्षेत्र में स्टार्टअप, उद्यमिता, कौशल विकास, डिजिटल नवाचार और औद्योगिक सहयोग को भी बढ़ावा देगा। असम और पूर्वोत्तर भारत प्राकृतिक संसाधनों, पर्यटन, कृषि, हस्तशिल्प और जैव विविधता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं रखते हैं। ऐसे में IIM गुवाहाटी इन क्षेत्रों में व्यवसायिक मॉडल विकसित करने और स्थानीय उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

किसी भी प्रमुख शैक्षणिक संस्थान की स्थापना स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण होती है। IIM गुवाहाटी के विकास से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण, परिवहन, आवास, होटल, खाद्य सेवाओं और अन्य स्थानीय उद्योगों को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यह क्षेत्रीय आर्थिक विकास का प्रमुख केंद्र बन सकता है।

भारत की उच्च शिक्षा को मिलेगी मजबूती

नई शिक्षा नीति के तहत भारत में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। IIM गुवाहाटी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संस्थान वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप प्रबंधन शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और उद्योग-शिक्षा सहयोग को भी बढ़ावा देगा।

भविष्य की संभावनाएं

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में IIM गुवाहाटी न केवल पूर्वोत्तर भारत बल्कि पूरे देश के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में शामिल हो सकता है। बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुभवी फैकल्टी, उद्योगों के साथ साझेदारी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से यह संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखता है।

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