अयोध्या में बारिश: रुक-रुककर हवा बह रही आसमान में बादल सरयू खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर

अयोध्या में सोमवार को रुक-रुककर बारिश और तेज हवा का दौर रहा। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर पहुंचा, तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता।
अयोध्या में बारिश: रुक-रुककर हवा बह रही आसमान में बादल सरयू खतरे के निशान से 28 सेमी ऊपर
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अयोध्या में सोमवार सुबह से मौसम बदला हुआ नजर आया। जिले के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होती रही। आसमान में दिनभर घने बादल छाए रहे और बीच-बीच में हवा भी चलती रही। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहाना हो गया। हालांकि दूसरी ओर सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार को सरयू का जलस्तर 93.01 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 92.73 मीटर से 28 सेंटीमीटर ऊपर है।

सरयू के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव से जुड़ी गतिविधियां शुरू की गई हैं। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के पास नहीं जाने की सलाह दी जा रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।

अयोध्या में सुबह से मौसम का मिजाज बदला रहा। कहीं तेज बारिश हुई तो कहीं हल्की बूंदाबांदी का दौर चला। बारिश के बीच हवा चलने से वातावरण में ठंडक महसूस हुई। लगातार बादल छाए रहने के कारण दिन में धूप नहीं निकली। पिछले दिनों की गर्मी और उमस के बीच सोमवार का मौसम लोगों को राहत देने वाला रहा, लेकिन सरयू का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है।

कुमारगंज कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे पूर्वी उत्तर प्रदेश में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। ऐसे में अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह साफ होने के आसार फिलहाल कम हैं। बारिश का असर सरयू के जलस्तर पर भी पड़ सकता है, खासकर यदि नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश जारी रहती है।

सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद तटवर्ती गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की निगाह लगातार नदी पर बनी हुई है। जिन क्षेत्रों में पहले से जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, वहां लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है।

अयोध्या में सरयू नदी धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। राम की पैड़ी समेत नदी किनारे स्थित घाटों पर रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। जलस्तर बढ़ने और नदी का बहाव तेज होने की स्थिति में घाटों पर विशेष सावधानी जरूरी हो जाती है। लोगों को नदी में उतरने या तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।

सरयू के बढ़ते जलस्तर के बीच अयोध्या के घाटों और नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। बाढ़ के दौरान नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है। ऐसे में केवल मौजूदा जलस्तर को देखकर स्थिति का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण आने वाले घंटों में स्थिति बदल सकती है।

देश के कई हिस्सों में इस समय बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 7 सितंबर को उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

अयोध्या में बारिश का असर सामान्य जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। सड़कों पर बारिश का पानी जमा होने से कुछ जगहों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी पहुंचने से किसानों को भी मौसम पर नजर रखनी पड़ रही है। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

सरयू के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में रहने वाले परिवारों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि नदी के किनारे जाकर जलस्तर देखने या वीडियो बनाने के लिए जोखिम न लें। बच्चों को भी नदी और घाटों से दूर रखने की सलाह दी जा रही है। नाव से आवाजाही करने वालों के लिए भी नदी के तेज बहाव को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

इससे पहले भी अयोध्या में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के कारण सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ चुका है। जुलाई में भी लगातार बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण सरयू खतरे के निशान के करीब पहुंच गई थी। उस समय प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट पर रखा था और तटवर्ती क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई थी।

फिलहाल सोमवार की स्थिति में अयोध्या में मौसम पूरी तरह बारिश से मुक्त नहीं हुआ है। आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश के साथ हवा चल रही है। दूसरी ओर सरयू 93.01 मीटर पर पहुंच चुकी है, जो खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर है। ऐसे में नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए आने वाले 24 घंटे महत्वपूर्ण हैं।

अगर बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो सरयू का जलस्तर और बढ़ सकता है। वहीं बारिश कमजोर पड़ने पर जलस्तर में स्थिरता या कमी आने की संभावना बन सकती है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की निगाह अब नदी के जलस्तर और मौसम के अगले अपडेट पर बनी हुई है।

कुल मिलाकर अयोध्या में सोमवार को बारिश और बादलों ने मौसम को सुहाना बना दिया, लेकिन सरयू के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से नदी के आसपास सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। अगले 24 घंटे में बारिश की स्थिति और सरयू के जलस्तर में होने वाला बदलाव अयोध्या के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

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