सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने CBI के नेतृत्व में बहु-एजेंसी जांच की मांग करने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा कि यदि गर्मी की छुट्टियों के बाद नियमित कामकाज शुरू होने पर इस मामले की सुनवाई होती है, तो इससे कोई असाधारण स्थिति नहीं बनेगी।
नई दिल्ली: अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा (दान) चोरी मामले की जांच को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि इस मामले की सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद नियमित प्रक्रिया के तहत की जाएगी और इसमें जल्दबाजी की आवश्यकता नहीं है।
“तत्काल सुनवाई नहीं होगी” – सुप्रीम कोर्ट का रुख
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान दो अधिवक्ताओं द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) में मांग की गई थी कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए और अदालत की निगरानी में बहु-एजेंसी जांच कराई जाए। हालांकि, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने इस पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा—
अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका पर नियमित पीठ के समक्ष जुलाई के दूसरे सप्ताह (12–17 जुलाई) के बीच सुनवाई की जाएगी। जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर परिसर में एकत्रित दान राशि और चढ़ावे की सुरक्षा तथा जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि मौजूदा जांच प्रणाली पर भरोसा नहीं बन पा रहा है, इसलिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और अन्य एजेंसियों को शामिल करते हुए निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
याचिका में यह भी दावा किया गया कि महत्वपूर्ण सबूतों की सुरक्षा और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जिसके कारण पूरे मामले की स्वतंत्र जांच जरूरी हो गई है।
![]()
यूपी पुलिस कर रही है जांच
फिलहाल इस मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान ट्रस्ट से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पूर्व में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान भी रिकॉर्ड किया गया है, जबकि अन्य ट्रस्ट पदाधिकारियों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा था कि वह किसी भी निष्पक्ष जांच में पूरा सहयोग करेगा।
इस मामले के बीच ट्रस्ट में हाल ही में कुछ इस्तीफों की खबरों ने भी चर्चा बढ़ा दी है। ट्रस्ट के कुछ सदस्यों पर लगे आरोपों के बाद संगठन के भीतर पुनर्गठन की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि ट्रस्ट ने यह स्पष्ट किया है कि सभी दान और चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं है।
ट्रस्ट का कहना है कि भगवान राम को अर्पित सभी वस्तुएं, जिनमें चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य मूल्यवान सामग्री शामिल हैं, पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका पूरा हिसाब-किताब रखा जा रहा है।









