बड़ी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार 4 साल से अधूरा, ₹7.75 करोड़ की योजना के बाद भी नहीं पूरा हुआ काम

पटना सिटी के बड़ी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार 4 साल से अधूरा है। ₹7.75 करोड़ की योजना के बावजूद मुख्य भवन नहीं बना, महंत ने संकल्प लिया।

पटना सिटी के बड़ी पटनदेवी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य चार साल से अधूरा है। ₹7.75 करोड़ से अधिक की योजना और कई समयसीमाओं के बावजूद मुख्य भवन तैयार नहीं हुआ। महंत विजय शंकर गिरी ने निर्माण पूरा होने तक बाल-दाढ़ी न बनवाने का संकल्प लिया है।

पटना सिटी: बड़ी पटनदेवी मंदिर के जीर्णोद्धार में हो रही देरी से श्रद्धालुओं और मंदिर के महंत विजय शंकर गिरी में नाराजगी है। चार साल से निर्माणाधीन मंदिर में भगवती की पूजा बरामदे में हो रही है। ₹7.75 करोड़ से अधिक की योजना स्वीकृत होने और अधिकारियों की ओर से कई बार समयसीमा तय किए जाने के बावजूद मुख्य भवन का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

चार साल से बरामदे में विराजमान हैं बड़ी पटनदेवी

भारत के 51 शक्तिपीठों में शामिल बड़ी पटनदेवी मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पिछले चार वर्षों से धीमी गति से चल रहा है। निर्माण पूरा नहीं होने के कारण भगवती को अब तक नए भवन में विराजमान नहीं कराया जा सका है और पूजा बरामदे में ही हो रही है।

मंदिर के महंत विजय शंकर गिरी ने निर्माण कार्य की रफ्तार पर निराशा जताई है। उनका कहना है कि इस वर्ष भी नवरात्र के दौरान नए भवन में भगवती की प्राण-प्रतिष्ठा होने की संभावना कम है।

वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवरात्र के दौरान मंदिर पहुंचकर अधिकारियों को निर्देश दिया था कि 2023 के नवरात्र तक नए भवन में पूजा शुरू हो जानी चाहिए। इसके बावजूद यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।

कई बार तय हुई समयसीमा, फिर भी अधूरा है निर्माण

मंदिर के निर्माण को लेकर अधिकारियों की ओर से अलग-अलग समय पर कई निर्देश जारी किए गए। पटना के तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने 12 अक्टूबर 2023 तक मुख्य भवन का निर्माण पूरा करने का आदेश दिया था। इसके साथ बेदी, सीढ़ी और शौचालयों की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए थे।

16 जुलाई 2024 की विभागीय बैठक में भी नवरात्र से पहले मुख्य भवन तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद 5 अक्टूबर 2024 को मंदिर के निरीक्षण के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी ने करीब 90 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी थी। उस समय मुख्य भवन को तीन महीने में तैयार करने की बात कही गई थी।

7 जून 2025 को तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने भी निरीक्षण कर निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तब भी नवरात्र से पहले भवन तैयार होने की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन निर्माण अब तक पूरा नहीं हो पाया।

तकनीकी दिक्कत के बाद नींव को भी किया गया मजबूत

महंत के अनुसार, निर्माण कार्य में तकनीकी समस्याएं आने की जानकारी भी दी गई थी। कार्यपालक अभियंता ओमप्रकाश त्यागी ने बताया था कि इन समस्याओं को दूर कर लिया गया है। मंदिर की नींव को भी मजबूत किया गया है।

नींव के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार की ओर से ₹1.76 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। इसके बावजूद मुख्य भवन के पूरा होने में देरी जारी है।

मंदिर क्षेत्र में कॉरिडोर और पार्किंग की भी योजना

28 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी पटनदेवी मंदिर में दर्शन के बाद मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को विकसित करने के निर्देश दिए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में कॉरिडोर बनाने और वाहनों की पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने की योजना पर काम करने को कहा गया था।

मंदिर बनने तक बाल-दाढ़ी नहीं बनवाएंगे महंत

मंदिर निर्माण में देरी के बीच महंत विजय शंकर गिरी ने एक विशेष संकल्प लिया हुआ है। उन्होंने कहा कि जब तक भगवती अपने मूल स्थान पर बने भव्य नए भवन में विराजमान नहीं होंगी, तब तक वह बाल और दाढ़ी नहीं बनवाएंगे।

महंत के मुताबिक, उन्होंने यह संकल्प करीब चार वर्ष पहले लिया था। इतने समय में उनकी जटाएं और दाढ़ी बढ़ गई हैं, लेकिन वह अपने संकल्प पर कायम हैं। उनका कहना है कि जिस दिन मां का नया घर तैयार हो जाएगा और भगवती मूल स्थान पर विराजमान होंगी, उसी दिन उनका संकल्प पूरा होगा।

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