चौपारण में पुलिस-तस्करों की मुठभेड़, एक घायल; दो गिरफ्तार, 10 किलो अफीम बरामद

झारखंड के हजारीबाग के चौपारण में अफीम तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और संदिग्ध तस्करों में मुठभेड़ हुई। एक घायल, दो गिरफ्तार और 10.1 किलो अफीम बरामद।

झारखंड के हजारीबाग स्थित चौपारण में अफीम तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और संदिग्ध तस्करों में मुठभेड़ हुई। फायरिंग में एक आरोपी घायल हुआ, जबकि दो को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 10.1 किलो अफीम, हथियार, वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम अफीम तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस और संदिग्ध तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक संदिग्ध ने टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी के पेट के बाएं हिस्से में गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने मौके से दो अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 10 किलो 100 ग्राम अफीम बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा, एक कार, बिना नंबर की मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अफीम की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

अफीम की खरीद-बिक्री की सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चौपारण थाना क्षेत्र में अफीम की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों के आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले उसकी पुष्टि कराई। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने संभावित स्थानों पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान टीम को हथियाबाबा मंदिर के आसपास कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। पुलिस ने इलाके में छापेमारी की तो वहां एक काले रंग की कार और बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल के साथ तीन संदिग्ध लोग नजर आए।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों को घेरने की कोशिश की। कार्रवाई के दौरान दो लोगों को पकड़ लिया गया, जबकि तीसरा व्यक्ति पुलिस की घेराबंदी से निकलकर जंगल की ओर भागने लगा।

जंगल की ओर भागते समय फायरिंग का आरोप

पुलिस के मुताबिक, भाग रहे संदिग्ध का पीछा किया गया। इसी दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि फायरिंग के बाद जवानों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

जवाबी फायरिंग में भाग रहे व्यक्ति के पेट के बाएं हिस्से में गोली लगी। गोली लगने के बाद वह मौके पर गिर गया और घायल हो गया। पुलिसकर्मियों ने उसे तुरंत हिरासत में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

घायल आरोपी की पहचान अजय कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसने पूछताछ में अपना पता चांपी, थाना बाराचट्टी, जिला गया, बिहार बताया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान यानी रिम्स भेजा गया।

पुलिस ने बरामद की 10.1 किलो अफीम

पुलिस ने घटनास्थल से करीब 10 किलो 100 ग्राम अफीम बरामद करने की जानकारी दी है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ मिलने के बाद पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह खेप कहां से आई थी और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरफ्तार और घायल आरोपियों का किसी बड़े तस्करी नेटवर्क से संबंध है या नहीं। पुलिस बरामद मोबाइल फोन की भी जांच कर सकती है, ताकि कथित तस्करी से जुड़े संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके।

अफीम की बरामदगी के साथ पुलिस ने मौके से एक देसी कट्टा, दो जिंदा गोलियां और एक इस्तेमाल किया हुआ खोखा भी बरामद किया है। इन वस्तुओं को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

कार और बिना नंबर की बाइक भी जब्त

तस्करी में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाली एक काले रंग की कार और बिना नंबर प्लेट की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों वाहनों का इस्तेमाल अफीम की कथित तस्करी में किस तरह किया जा रहा था।

बिना नंबर की मोटरसाइकिल मिलने के कारण पुलिस वाहन के स्वामित्व और उसके इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर सकती है। वहीं कार के संबंध में भी जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

घटनास्थल से तीन मोबाइल फोन मिलने की बात भी पुलिस ने कही है। इन उपकरणों से मामले की जांच में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, मोबाइल फोन से जुड़ी जांच के नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं।

चतरा और गया के दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान आकाश हर्ष राज उर्फ ऋतिक कुमार और सोनू कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आकाश हर्ष राज उर्फ ऋतिक कुमार चतरा जिले के सदर थाना क्षेत्र के उटा मोड़ का रहने वाला है।

दूसरे गिरफ्तार आरोपी सोनू कुमार का संबंध बिहार के गया जिले के बाराचट्टी थाना क्षेत्र के काहूदाग गांव से बताया गया है। घायल आरोपी अजय कुमार सिंह भी बाराचट्टी थाना क्षेत्र के चांपी का निवासी बताया गया है।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में बरामद मादक पदार्थ, हथियार और वाहनों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।

तस्करी नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

मामले की जांच केवल मौके पर पकड़े गए आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस अब कथित तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि अफीम की खेप कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग हैं।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी संगठित मादक पदार्थ तस्करी गिरोह से संबंध है या नहीं। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अफीम की इतनी बड़ी खेप की बरामदगी को पुलिस क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध आपूर्ति पर कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण मान रही है। हालांकि, पूरे नेटवर्क की तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस टीम में ये अधिकारी शामिल रहे

कार्रवाई चौपारण थाना प्रभारी पंकज कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में अधिकारी कुणाल किशोर, सहायक अवर निरीक्षक बदले महतो और चौपारण थाना का सशस्त्र बल शामिल था।

सूचना मिलने के बाद टीम ने पहले इलाके में निगरानी की और संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद हथियाबाबा मंदिर के आसपास कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान संदिग्धों ने भागने की कोशिश की और एक आरोपी ने फायरिंग की।

पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के घायल होने के बाद उसे तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई। पुलिस ने इस बात की पुष्टि करने के लिए भी जांच शुरू की है कि फायरिंग की परिस्थितियां क्या थीं और मौके पर घटनाक्रम किस क्रम में हुआ।

मुठभेड़ की परिस्थितियों की भी होगी जांच

किसी भी पुलिस मुठभेड़ के मामले में घटनाक्रम की परिस्थितियों और कार्रवाई के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों की जांच महत्वपूर्ण होती है। चौपारण की इस घटना में भी पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और कथित फायरिंग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

बरामद देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और खोखे की जांच से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर कितनी फायरिंग हुई और हथियार किस तरह इस्तेमाल किए गए। मामले में आगे की जांच के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

पुलिस ने फिलहाल तीन संदिग्धों को अपने कब्जे में लिया है, जिनमें एक घायल है। घायल आरोपी का इलाज रिम्स रांची में कराया जा रहा है, जबकि अन्य दो गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

अफीम तस्करी के खिलाफ अभियान तेज

चौपारण और आसपास के इलाकों में अफीम की अवैध तस्करी पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती रही है। ऐसे में मादक पदार्थ की बड़ी खेप के साथ संदिग्धों की गिरफ्तारी को पुलिस की कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस बरामद सामग्री और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

पुलिस का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जांच टीम कथित तस्करी के स्रोत, डिलीवरी के स्थान और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल चौपारण में हुई इस कार्रवाई में करीब 10.1 किलो अफीम, हथियार, वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एक संदिग्ध पुलिस की जवाबी फायरिंग में घायल हुआ है, जबकि दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

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