बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप: त्रिसा-गायत्री ने जापान की 7वीं सीड जोड़ी को हराकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह

भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर किया। 39वीं सीड भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा

भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर किया। 39वीं सीड भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप: नई दिल्ली में चल रही 2026 बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। 39वीं वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेमों में हराकर बड़ा उलटफेर किया। भारतीय जोड़ी की इस जीत ने टूर्नामेंट में भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत किया है।

जापान की मजबूत जोड़ी को सीधे गेम में हराया

इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। भारतीय जोड़ी ने जापान की सातवीं सीड रिन इवानागा और की नाकानिशी पर लगातार दबाव बनाए रखा और पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया।

दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी लय बरकरार रखी। जापानी जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन त्रिसा और गायत्री ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर नियंत्रण दिखाया। भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम 21-12 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस तरह 39वीं सीड भारतीय जोड़ी ने सातवीं वरीय जापानी टीम को 21-16, 21-12 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

राउंड ऑफ 32 में भी मिली थी आसान जीत

त्रिसा-गायत्री की जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने के दौरान लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। राउंड ऑफ 32 में उनका सामना अमेरिका की 16वीं वरीय लॉरेन लाम और एलीसन ली से हुआ था।

भारतीय जोड़ी ने उस मुकाबले में भी बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए अमेरिकी खिलाड़ियों को सीधे गेमों में 21-15, 21-12 से हराया था। लगातार दो मैचों में मजबूत वरीयता वाली जोड़ियों को शिकस्त देकर त्रिसा और गायत्री ने महिला डबल्स वर्ग में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।

भारतीय जोड़ी की नजर अब पदक पर

जापान की सातवीं सीड जोड़ी के खिलाफ जीत भारतीय टीम के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद टूर्नामेंट में 39वीं वरीयता के साथ उतरी हैं। इसके बावजूद उन्होंने लगातार बेहतर रैंकिंग वाली जोड़ियों के खिलाफ दबाव में शानदार प्रदर्शन किया है।

क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद भारतीय जोड़ी के सामने अब पदक की दौड़ में आगे बढ़ने का मौका है। वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंच पर नॉकआउट मुकाबलों में एक छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है। ऐसे में त्रिसा और गायत्री के लिए अगले मुकाबले में भी संयम, फिटनेस और रणनीतिक खेल महत्वपूर्ण होगा।

पीवी सिंधु भी अंतिम-8 की दौड़ में

महिला सिंगल्स में भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु भी प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलने उतरेंगी। दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता सिंधु का सामना चीन की वांग झी यी से होगा।

सिंधु ने राउंड ऑफ 32 में कनाडा की वेन यू झांग को 21-16, 21-17 से हराकर अंतिम-16 में जगह बनाई थी। अब उनके सामने चीन की मजबूत खिलाड़ी की चुनौती है। यह मुकाबला भारतीय प्रशंसकों के लिए भी खास होगा, क्योंकि सिंधु से एक बार फिर विश्व चैंपियनशिप में गहरी बढ़त बनाने की उम्मीद है।

सिंधु का अनुभव बड़े मुकाबलों में भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि वांग झी यी के खिलाफ उन्हें अपनी सर्वश्रेष्ठ रणनीति और आक्रामक खेल के साथ कोर्ट पर उतरना होगा।

आयुष शेट्टी ने भी बनाई उम्मीदें

पुरुष सिंगल्स में भारत के युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी भी राउंड ऑफ 16 में चुनौती पेश करेंगे। उनका सामना इंडोनेशिया के अल्वी फरहान से होगा।

आयुष ने पिछले दौर में श्रीलंका के दमिंदु अबिविक्रमा को 21-8, 21-10 से हराया था। इससे पहले उन्होंने बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के नंबर-1 और मौजूदा चैंपियन चीन के शी यू ची को शिकस्त दी थी।

शी यू ची के खिलाफ जीत ने आयुष का आत्मविश्वास बढ़ाया है। अब उनकी कोशिश इंडोनेशियाई खिलाड़ी को हराकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की होगी।

सात्विक-चिराग की भी बड़ी चुनौती

पुरुष डबल्स में भारत की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी अंतिम-16 के मुकाबले में उतरेगी। उनका सामना मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप से होना है।

सात्विक और चिराग को पिछले दौर में स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल के खिलाफ वॉकओवर मिला था। ऐसे में भारतीय जोड़ी को अगले मुकाबले में लंबे ब्रेक के बाद सीधे प्रतिस्पर्धी लय हासिल करनी होगी।

सात्विक-चिराग विश्व बैडमिंटन के शीर्ष पुरुष डबल्स खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और भारत को उनसे पदक की बड़ी उम्मीद है। दोनों की आक्रामक शैली, तेज स्मैश और कोर्ट कवरेज उन्हें किसी भी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खतरनाक बनाती है।

ध्रुव कपिला-तनिषा क्रास्टो भी मैदान में

मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी का मुकाबला चीन के गुओ शिन वा और चेन फांग हुई से होगा। भारतीय जोड़ी ने पिछले मैच में मकाऊ के लियोंग लोक चोंग और एन वेंग ची को 21-11, 21-11 से हराया था।

ध्रुव और तनिषा ने उस मुकाबले में शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा और विपक्षी जोड़ी को वापसी का ज्यादा मौका नहीं दिया। अब चीनी जोड़ी के खिलाफ उनके सामने कठिन चुनौती होगी।

भारत की पदक उम्मीदें मजबूत

वर्ल्ड चैंपियनशिप के नॉकआउट दौर में पहुंचते ही भारत की पदक उम्मीदें कई खिलाड़ियों और जोड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हैं। त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जीत ने खास तौर पर महिला डबल्स में उत्साह बढ़ाया है।

भारत की ओर से सिंधु, आयुष शेट्टी, सात्विक-चिराग और ध्रुव-तनिषा जैसे खिलाड़ी भी अपने-अपने वर्ग में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। टूर्नामेंट के अगले दौर में इनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि भारत कितने वर्गों में पदक की दौड़ तक पहुंच पाता है।

नई दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अतिरिक्त लाभ भी दे रही है। अब निगाहें त्रिसा-गायत्री समेत भारत के बाकी खिलाड़ियों पर हैं, जो अगले दौर में अपनी चुनौती को और मजबूत करने के इरादे से उतरेंगे।

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