केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिल्ली में INDIA गठबंधन और कांग्रेस के प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध को लोकतंत्र का हिस्सा बताया, लेकिन अराजकता फैलाने वालों की पहचान पर जोर दिया। पुलिस कार्रवाई और बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने INDIA गठबंधन और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि भारत में लोकतंत्र कभी खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग विरोध की आड़ में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। चिराग ने दिल्ली में आम लोगों को हुई परेशानी, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा, अराजकता पर चिराग की चिंता
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दिल्ली में INDIA गठबंधन और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की परंपरा रही है। उनके मुताबिक, आंदोलन केवल विरोध का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए नए नेतृत्व को आगे आने और देश की दिशा बदलने का अवसर भी मिलता है।

चिराग ने अपने पिता का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी छात्र आंदोलन से निकलकर आगे बढ़े थे। उन्होंने जोर दिया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रदर्शन और असहमति के लिए जगह होनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विरोध की आड़ में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करने वालों की पहचान करना जरूरी है।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि हालिया प्रदर्शन के जरिए देश में अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास किया गया, जिसे केंद्र सरकार ने नियंत्रित किया। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन में शामिल सभी लोगों को एक जैसा नहीं समझना चाहिए, लेकिन यदि कुछ लोग हिंसा या अव्यवस्था फैलाने की कोशिश करते हैं, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस पर दिल्ली के लोगों को परेशान करने का आरोप
चिराग पासवान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के प्रदर्शन के कारण दिल्ली के लोगों को लगातार तीन दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने CJP पर भी युवाओं को अराजक गतिविधियों की ओर ले जाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, किसी भी विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य यदि अव्यवस्था पैदा करना हो, तो उसमें शामिल ऐसे तत्वों को चिह्नित करना आवश्यक है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित मारपीट को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग ने कहा कि वह हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने परिस्थितियों को देखते हुए कार्रवाई का फैसला लिया होगा। इस तरह उनके बयान में हिंसा का विरोध करने और पुलिस की कार्रवाई के पीछे परिस्थितियों को ध्यान में रखने, दोनों पहलू सामने आए।
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठे सवालों और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं का पूरा आकलन संबंधित तथ्यों तथा आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जा सकता है।
बिहार की कानून-व्यवस्था और इस्तीफे की मांग पर क्या बोले?
बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से इस्तीफे की मांग पर भी चिराग पासवान ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस्तीफा हर समस्या का समाधान नहीं होता। उनके मुताबिक, व्यवस्था में रहते हुए उसमें सुधार करने की कोशिश की जानी चाहिए।
चिराग ने कहा कि उनकी पार्टी विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज उठाती रही है और वह पहरेदार की भूमिका निभाती है। उनके बयान का जोर इस बात पर था कि समस्याओं का समाधान केवल इस्तीफे से नहीं, बल्कि व्यवस्था के भीतर सुधार के प्रयासों से भी किया जा सकता है।
अपने बयान के अंत में चिराग पासवान ने लोकतंत्र को लेकर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र कभी खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को स्वीकार करने के साथ ही प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों को होने वाली परेशानी से बचाने की जरूरत पर जोर दिया।











