बागेश्वर में भूस्खलन का कहर: मंडलसेरा कॉलेज मार्ग और एनएच रवाईखाल बंद, बारिश से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

बागेश्वर में बारिश के बीच भूस्खलन से मंडलसेरा कॉलेज मार्ग और रवाईखाल में NH बंद हो गया। मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों की परेशानी बढ़ी।
बागेश्वर में भूस्खलन का कहर: मंडलसेरा कॉलेज मार्ग और एनएच रवाईखाल बंद, बारिश से बढ़ी लोगों की मुश्किलें
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उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच भूस्खलन ने एक बार फिर जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जिले के अलग-अलग हिस्सों में पहाड़ियों से मलबा और पत्थर सड़क पर आने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। मंडलसेरा क्षेत्र में राजकीय इंटर कॉलेज जाने वाला मार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया, जबकि रवाईखाल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी मलबा आने से यातायात बाधित हुआ है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने का खतरा बना हुआ है और सड़क मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

मंडलसेरा में भूस्खलन के कारण राजकीय इंटर कॉलेज की ओर जाने वाला रास्ता प्रभावित होने से विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान अचानक मलबा आने से सड़क का संपर्क टूट जाना आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में स्कूल और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। स्थानीय स्तर पर मार्ग को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आवाजाही को जल्द सामान्य किया जा सके।

दूसरी ओर रवाईखाल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन ने यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया है। रवाईखाल को पहले भी भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता रहा है। सितंबर की शुरुआत में भी इसी क्षेत्र में पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर सड़क पर गिरने के कारण बागेश्वर-गरुड़ मोटर मार्ग कई घंटे तक बंद रहा था। उस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया था।

पहाड़ी से मलबा सड़क पर आने का असर केवल सामान्य वाहनों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है। पहले रवाईखाल में मार्ग बंद होने के दौरान एंबुलेंस भी जाम में फंस गई थी। दूध, अखबार और अन्य आवश्यक सामान लेकर जाने वाले वाहन भी सड़क खुलने का इंतजार करते रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पहाड़ी मार्गों पर कुछ घंटों के लिए यातायात रुकने से स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर कितना असर पड़ सकता है।

बारिश के कारण बागेश्वर जिले में पहले भी कई सड़कें बंद होने की स्थिति सामने आती रही है। पहाड़ी इलाकों में लगातार पानी गिरने से जमीन में नमी बढ़ जाती है और कमजोर हिस्सों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ की कटिंग वाले हिस्सों में भी बारिश के समय मलबा गिरने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी और मलबा हटाने की व्यवस्था बनाए रखना है।

रवाईखाल की स्थिति को देखते हुए यह इलाका विशेष रूप से चिंता का विषय बना हुआ है। जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित इस क्षेत्र में पहले भी भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हो चुका है। सितंबर की पिछली घटना में सुबह तड़के पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे थे। मार्ग बंद होने के बाद दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी और सड़क साफ करने के बाद ही यातायात बहाल हो सका था।

लगातार बारिश के बीच यात्रियों को भी पहाड़ी मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी सड़क पर मलबा गिरने की सूचना मिलने पर उस रास्ते से जाने से बचना और प्रशासन या संबंधित विभाग से मार्ग की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। भूस्खलन वाले स्थान पर रुककर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश भी जोखिम भरी हो सकती है, क्योंकि मलबा गिरने का खतरा एक बार सड़क साफ होने के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं होता।

मंडलसेरा कॉलेज मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ छात्रों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। बारिश के दौरान स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए ऐसे रास्तों पर खतरा बढ़ जाता है। यदि किसी मार्ग पर लगातार मलबा गिर रहा हो तो केवल एक बार सड़क साफ करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पहाड़ी की स्थिति की निगरानी करना भी जरूरी होता है। प्रशासन के सामने चुनौती यह है कि मार्ग को सुरक्षित तरीके से खोला जाए और दोबारा भूस्खलन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

बागेश्वर जैसे पर्वतीय जिले में सड़क संपर्क जीवनरेखा की तरह है। बाजार, अस्पताल, स्कूल, सरकारी कार्यालय और गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर यातायात रुकने से इसका सीधा असर लोगों की दिनचर्या पर पड़ता है। खासकर बारिश के दौरान किसी मुख्य सड़क के बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग भी सीमित होते हैं। इसलिए मलबा हटाने वाली मशीनरी को संवेदनशील स्थानों के आसपास तैयार रखना और सूचना मिलते ही मौके पर भेजना बेहद जरूरी हो जाता है।

हाल के दिनों में रवाईखाल क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाएं सामने आने के कारण इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान पहाड़ से छोटे पत्थर गिरते दिखाई दें या सड़क के ऊपर की ढलान में दरार अथवा मिट्टी खिसकने के संकेत मिलें तो वाहन रोककर सुरक्षित दूरी बनाना बेहतर है। पहाड़ों में भूस्खलन कई बार अचानक होता है, इसलिए सड़क साफ दिखाई देने के बावजूद सावधानी जरूरी है।

फिलहाल मंडलसेरा कॉलेज मार्ग और रवाईखाल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सामने आई समस्या ने एक बार फिर मानसून के दौरान बागेश्वर की सड़कों की संवेदनशीलता उजागर कर दी है। प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए प्राथमिकता बंद मार्गों को सुरक्षित तरीके से खोलना और संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर बनाए रखना है। बारिश जारी रहने की स्थिति में नए स्थानों पर भी मलबा आने की आशंका बनी रह सकती है, इसलिए यात्रियों को मौसम और सड़क की ताजा स्थिति देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।

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