उत्तराखंड में एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले का इंतजार कर रहे नीट यूजी-2026 सफल अभ्यर्थियों के लिए जरूरी अपडेट है। राज्य की केंद्रीयकृत नीट यूजी काउंसलिंग के दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पात्र अभ्यर्थी 9 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन पंजीकरण, शुल्क भुगतान और कॉलेज व पाठ्यक्रम की चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह काउंसलिंग हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय (HNBUMU) की ओर से कराई जा रही है।
दूसरे चरण की काउंसलिंग उन अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है, जो पहले चरण में सीट हासिल नहीं कर सके या अपनी पसंद के कॉलेज में सीट पाने के लिए अगले चरण में शामिल होना चाहते हैं। इसके अलावा पहले से पंजीकृत ऐसे अभ्यर्थी भी प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं, जो अपनी आवंटित सीट को अपग्रेड कराना चाहते हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया में नए अभ्यर्थियों के साथ पहले से पंजीकृत उम्मीदवारों और फ्लोट श्रेणी में सीट अपग्रेडेशन के इच्छुक अभ्यर्थियों को भी चॉइस भरने और लॉक करने की सुविधा दी गई है।
जारी कार्यक्रम के मुताबिक दूसरे चरण के लिए पंजीकरण और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया 7 सितंबर से शुरू हुई है और 9 सितंबर तक चलेगी। अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने के साथ आवश्यक शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद उपलब्ध मेडिकल कॉलेजों और पाठ्यक्रमों में अपनी प्राथमिकता के अनुसार विकल्प भरने होंगे। चॉइस फिलिंग पूरी करने के बाद उम्मीदवारों को विकल्पों को लॉक करना भी जरूरी होगा, ताकि सीट आवंटन प्रक्रिया में उनकी पसंद को शामिल किया जा सके।
इस काउंसलिंग के माध्यम से उत्तराखंड में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार जिन्होंने NEET UG-2026 परीक्षा में सफलता हासिल की है और राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र हैं, उनके लिए यह चरण सीट हासिल करने का महत्वपूर्ण अवसर है। पहले चरण में सीट नहीं मिलने वाले अभ्यर्थियों के साथ-साथ बेहतर विकल्प की तलाश कर रहे उम्मीदवारों को भी दूसरे चरण की चॉइस फिलिंग में सावधानी बरतनी होगी।
अभ्यर्थियों को कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प भरते समय अपनी नीट रैंक, श्रेणी, उपलब्ध सीटों और पिछले चरण के सीट आवंटन के रुझान को ध्यान में रखना चाहिए। चॉइस फिलिंग केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सीट आवंटन में इसका महत्वपूर्ण प्रभाव होता है। इसलिए उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेजों और पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता क्रम में भरना चाहिए और अंतिम लॉक करने से पहले पूरी सूची की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए।
पहले चरण की काउंसलिंग के बाद अब दूसरे चरण में रिक्त सीटों और उपलब्ध विकल्पों के आधार पर सीट आवंटन किया जाएगा। उत्तराखंड NEET UG काउंसलिंग 2026 के राउंड-2 का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 11 सितंबर को जारी होने की जानकारी दी गई है। अभ्यर्थियों को सीट आवंटन परिणाम जारी होने के बाद संबंधित निर्देशों के अनुसार आगे की प्रवेश प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
जो अभ्यर्थी पहले से काउंसलिंग में पंजीकृत हैं, उन्हें दूसरे चरण में शामिल होने के लिए प्रक्रिया से जुड़े निर्देशों को ध्यान से देखना चाहिए। खासकर सीट अपग्रेडेशन के इच्छुक फ्लोट अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग और लॉकिंग की प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। केवल पहले चरण में पंजीकरण कर लेने से दूसरे चरण की नई पसंद अपने आप दर्ज नहीं मानी जानी चाहिए, इसलिए उम्मीदवारों को पोर्टल पर अपनी स्थिति और विकल्पों की पुष्टि करनी चाहिए।
नए अभ्यर्थियों के लिए भी दूसरे चरण में आवेदन का अवसर उपलब्ध है। उन्हें निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा, जरूरी शुल्क और सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी तथा काउंसलिंग फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी। इसके बाद उपलब्ध कॉलेजों और पाठ्यक्रमों के विकल्पों को अपनी प्राथमिकता के अनुसार भरकर लॉक करना होगा। आवेदन करते समय नाम, नीट रोल नंबर, रैंक, श्रेणी और अन्य जरूरी जानकारी में किसी तरह की गलती न हो, इसका विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
काउंसलिंग प्रक्रिया में दस्तावेजों की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। अभ्यर्थियों को अपने नीट यूजी-2026 से जुड़े दस्तावेज, पहचान प्रमाण, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, श्रेणी प्रमाणपत्र और राज्य से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। यदि सीट आवंटन के बाद कॉलेज में रिपोर्टिंग के दौरान किसी दस्तावेज की आवश्यकता पड़ती है तो उम्मीदवार को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए पहले से सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखना बेहतर होगा।
उत्तराखंड की राज्य काउंसलिंग और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी की अखिल भारतीय स्तर की काउंसलिंग को लेकर उम्मीदवारों को अंतर भी समझना चाहिए। राज्य काउंसलिंग के तहत उत्तराखंड से संबंधित सीटों और संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया चलती है, जबकि MCC अलग से ऑल इंडिया कोटा तथा संबंधित केंद्रीय और अन्य संस्थानों के लिए काउंसलिंग आयोजित करता है। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करते समय यह देखना चाहिए कि वे किस काउंसलिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं और उसकी समय सीमा क्या है। राष्ट्रीय स्तर पर भी NEET UG 2026 की राउंड-2 काउंसलिंग प्रक्रिया सितंबर में चल रही है।
उत्तराखंड में दूसरे चरण की काउंसलिंग शुरू होने से उन छात्रों को राहत मिली है, जिन्हें पहले चरण में मनपसंद सीट नहीं मिली थी। मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के लिए नीट यूजी के बाद सीट हासिल करना छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण चरण होता है। ऐसे में दूसरे राउंड में उपलब्ध विकल्पों का सही इस्तेमाल करके उम्मीदवार अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने की संभावना बढ़ा सकते हैं।
अभ्यर्थियों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेने की सलाह दी जाती है। ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी समस्या, भुगतान में देरी या वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक जैसी स्थिति आने पर अंतिम समय में परेशानी हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को 9 सितंबर की निर्धारित समय सीमा से पहले पंजीकरण, शुल्क भुगतान और चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।
फिलहाल उत्तराखंड NEET UG काउंसलिंग 2026 का दूसरा चरण उन सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए अहम है, जो एमबीबीएस या बीडीएस में प्रवेश लेना चाहते हैं। 7 सितंबर से शुरू हुई प्रक्रिया में 9 सितंबर तक आवेदन और चॉइस फिलिंग की जा सकती है, जबकि दूसरे चरण का सीट आवंटन परिणाम 11 सितंबर को जारी होने की जानकारी है। उम्मीदवारों को काउंसलिंग पोर्टल पर उपलब्ध आधिकारिक निर्देशों को ध्यान से पढ़कर ही आवेदन और विकल्प लॉक करने चाहिए, ताकि किसी गलती के कारण सीट आवंटन की प्रक्रिया प्रभावित न हो।










