Bajaj Auto ने FY26 की तीसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड मुनाफा 25% बढ़ाकर ₹2,749 करोड़ किया। राजस्व 23% बढ़कर ₹16,204 करोड़ हुआ। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में मजबूत बिक्री और नए मॉडल्स ने मुनाफा बढ़ाने में योगदान दिया।
Bajaj Auto Q3 Results: Bajaj Auto ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, इस तिमाही में कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 2,749.82 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 2,195.65 करोड़ रुपये था।
कंपनी की इस शानदार प्रदर्शन से यह स्पष्ट होता है कि Bajaj Auto ने Q3 में अपने ऑपरेशंस को मजबूती से संभाला और लाभ बढ़ाने में सफलता हासिल की।
कंसोलिडेटेड कमाई में जबरदस्त इजाफा
Bajaj Auto की कुल कंसोलिडेटेड कमाई (Revenue) भी सालाना आधार पर 23 प्रतिशत बढ़कर 16,204.45 करोड़ रुपये रही। पिछली वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में यह कमाई 13,168.88 करोड़ रुपये थी। यह बढ़ोतरी कंपनी की बढ़ती बिक्री और बाजार में मजबूत पकड़ को दर्शाती है।
विशेष रूप से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में कंपनी ने अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी। Two-wheeler और Three-wheeler दोनों सेगमेंट में मांग बढ़ने से Bajaj Auto को अपने कंसोलिडेटेड कमाई में फायदा मिला।
स्टैंडअलोन नतीजे भी सकारात्मक
अगर केवल स्टैंडअलोन आधार पर देखें, तो Bajaj Auto का मुनाफा 19 प्रतिशत बढ़कर 2,502.81 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं, ऑपरेशंस से होने वाली कमाई भी 19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,220.33 करोड़ रुपये रही।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन कंपनी की आंतरिक क्षमता और प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। इसके अलावा, लागत नियंत्रण और उत्पादन में सुधार ने भी मुनाफे को बढ़ाने में मदद की।
बाजार की पकड़
कंपनी की इस तिमाही की सफलता का मुख्य कारण बिक्री में बढ़ोतरी और नए मॉडल्स की मांग रही। Domestically और Internationally दोनों बाजारों में कंपनी की मजबूत उपस्थिति ने राजस्व वृद्धि को बढ़ावा दिया। Bajaj Auto की बाइक और स्कूटर मॉडल्स की लोकप्रियता ने भी मुनाफे को नई ऊंचाई दी।
International market में खासतौर पर लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया में कंपनी ने मजबूत बिक्री दर्ज की, जिससे निर्यात राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी
Bajaj Auto ने उत्पादन प्रक्रिया में एफिशिएंसी बढ़ाकर लागत नियंत्रण पर भी ध्यान दिया। इस रणनीति के कारण उत्पादन लागत कम हुई और ऑपरेशनल मार्जिन बढ़ा। कंपनी ने अपने सप्लाई चेन को मजबूत किया और इन्वेंट्री मैनेजमेंट में सुधार किया, जिससे Q3 में लाभ में बढ़ोतरी हुई।








