बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार निर्विरोध जीतेंगी चुनाव, कांग्रेस उम्मीदवार ने वापस लिया नाम

बारामती उपचुनाव में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत तय हो गई। कांग्रेस के उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया, जिससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई। कांग्रेस का बयान

बारामती उपचुनाव 2026 में एनसीपी के दिवंगत नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) निर्विरोध जीतने जा रही हैं। इस फैसले के पीछे प्रमुख कारण है कि कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार को चुनाव से वापस ले लिया, ताकि दिवंगत नेता के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता दिखाई जा सके।

बारामती: एनसीपी के दिवंगत नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar की पत्नी Sunetra Pawar बारामती उपचुनाव में बिना किसी विरोध के जीतने वाली हैं, क्योंकि कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है। यह उपचुनाव 23 अप्रैल को आयोजित होगा। कांग्रेस ने गुरुवार दोपहर को अजित पवार के सम्मान में यह कदम उठाया और अपने उम्मीदवार को पीछे खींच लिया। 

अजित पवार का निधन 28 जनवरी को हुआ था, जब बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में गहरा शोक और असर छोड़ा था।

कांग्रेस ने लिया अहम फैसला

कांग्रेस ने गुरुवार दोपहर को अपने उम्मीदवार आकाश मोरे (Akash More) को चुनाव से वापस लेने का ऐलान किया। यह कदम अजित पवार के सम्मान में उठाया गया। कांग्रेस ने बयान में कहा कि पार्टी ने अपना उम्मीदवार केवल भाजपा और महायुति के नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ विरोध दिखाने के लिए उतारा था। हालांकि, अजित पवार की आकस्मिक मृत्यु से पार्टी ने उपचुनाव में हिस्सा लेने का निर्णय बदल दिया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी कांग्रेस की प्रदेश इकाई प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल (Harshwardhan Sapkal) से फोन के माध्यम से अनुरोध किया कि पार्टी अपने उम्मीदवार को चुनाव से वापस ले। एनसीपी गुट के नेता जैसे सुप्रिया सुले (Supriya Sule) और रोहित पवार (Rohit Pawar) ने भी इसी तरह की अपील की। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने खुद कांग्रेस प्रतिनिधियों से संपर्क कर अजित पवार के साथ उनके संबंधों और परिवार के प्रति सम्मान को रेखांकित किया।

पवार परिवार का गढ़: बारामती

बारामती विधानसभा क्षेत्र हमेशा से पवार परिवार का गढ़ माना जाता रहा है। 1967 से 1991 तक यह सीट शरद पवार (Sharad Pawar) के पास रही। 1991 के उपचुनाव से 2026 तक यह सीट अजित पवार (Ajit Pawar) के पास रही, जब तक उनकी अचानक मृत्यु नहीं हुई। अजित पवार का निधन 28 जनवरी को हुआ था, जब उनका चार्टर्ड विमान बारामती हवाई अड्डे पर उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उनके निधन के बाद इस सीट के लिए उपचुनाव का ऐलान किया गया।

एनसीपी के उम्मीदवार के रूप में सुनेत्रा पवार की निर्विरोध जीत (Unopposed Win) लगभग तय मानी जा रही है। कांग्रेस और अन्य दलों की तरफ से अब कोई चुनौती नहीं है। इस निर्णय से एनसीपी और पवार परिवार की राजनीतिक एकता और सम्मान को मजबूत संदेश मिलेगा।

कांग्रेस का बयान

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख ने कहा:

'हमने अपना उम्मीदवार केवल भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति के साथ वैचारिक मतभेद दिखाने के लिए उतारा था। अजित पवार की हार से हमें ठेस पहुंची है, इसलिए हमने अपने उम्मीदवार को वापस लिया।'

विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस का यह कदम राजनीतिक रणनीति और संवेदनशीलता का संतुलन दर्शाता है।

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