चीन के वुहान और ग्वांगडोंग में जनता प्रशासनिक निर्णयों और परियोजनाओं के विरोध में सड़कों पर उतरी। सुरक्षा बढ़ाई गई, ड्रोन नियम सख्त किए गए। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण और भूमि विवाद पर अपनी नाराजगी जताई।
बीजिंग: चीन के कई हिस्सों में जनता सरकार के फैसलों के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। वुहान, गुआंगडोंग और अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और कई जगह पुलिस के साथ झड़पें हुई हैं। इन विरोधों का कारण स्थानीय प्रशासनिक निर्णय, पर्यावरणीय चिंताएं और भूमि विवाद बताये जा रहे हैं। बीजिंग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और ड्रोन पर नए नियम लागू किए गए हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि राजधानी में बढ़ी सुरक्षा का मकसद राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना और शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वुहान में बैटरी प्रोजेक्ट को लेकर नाराजगी
मध्य चीन के शहर वुहान में बैटरी निर्माण परियोजना को लेकर जनता में नाराजगी बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार फरवरी से ही स्थानीय लोग इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें इसकी वजह से पर्यावरण पर असर पड़ने की चिंता है। 8 मार्च को हजारों लोग सड़कों पर उतरे, जिन्हें पुलिस ने बलपूर्वक हटा दिया। इस दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया और प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी मेयर की गाड़ी को घेर लिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
हालांकि प्रशासन ने पहले निर्माण रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार परियोजना का काम अभी भी जारी है। 28 मार्च की रात सैकड़ों लोग फिर प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतर आए। पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि जनता प्रशासनिक फैसलों से नाखुश है और वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही है।
ग्वांगडोंग में श्मशान निर्माण पर विरोध
दक्षिणी ग्वांगडोंग प्रांत के शुइकोउ इलाके में भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं। यहां रिहायशी इलाके और स्कूल के पास श्मशान बनाने की योजना को लेकर स्थानीय लोग नाराज हैं। 25 मार्च को लगभग 3000 लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान झड़पें हुईं, कई लोग घायल हुए और कुछ को हिरासत में लिया गया। प्रशासन ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और आवाजाही पर नियंत्रण लगाया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि श्मशान का निर्माण प्राथमिक स्कूल और पानी के स्रोत के नजदीक किया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य और पर्यावरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे पहले 17 से 19 मार्च के बीच भी विरोध प्रदर्शन हिंसक झड़पों में बदल गए थे। इन घटनाओं से साफ है कि जनता स्थानीय परियोजनाओं और सरकारी फैसलों के प्रति गंभीर चिंता व्यक्त कर रही है।
बीजिंग में ड्रोन पर सख्त नियम
विरोध प्रदर्शन बढ़ने के बाद प्रशासन ने बीजिंग में ड्रोन के इस्तेमाल पर सख्त नियंत्रण लागू किया है। अब किसी भी ड्रोन को उड़ाने के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति ड्रोन बनाना, रखना या ले जाना प्रतिबंधित होगा। ये नियम 1 मई से लागू होंगे और 30 अप्रैल तक सभी ड्रोन का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम 'लो-एल्टीट्यूड सुरक्षा चुनौतियों' से निपटने के लिए उठाया गया है।
चीन में बढ़ते विरोध प्रदर्शन यह संकेत दे रहे हैं कि जनता के स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल गंभीर हैं। पर्यावरणीय मुद्दों, भूमि विवाद और प्रशासनिक फैसलों के प्रति नाराजगी अब सड़कों पर साफ दिख रही है। सरकार ने सुरक्षा बढ़ाकर और ड्रोन नियम कड़े करके अपने नियंत्रण को मजबूत करने की कोशिश की है।
जनता की नाराजगी के कारण
विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन में जनता की नाराजगी के कई कारण हैं। वुहान में पर्यावरणीय नुकसान और स्थानीय जीवन पर असर डालने वाले बड़े प्रोजेक्ट, ग्वांगडोंग में श्मशान निर्माण जैसी योजनाएं, और प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता की कमी प्रमुख हैं। जनता अब सिर्फ सोशल मीडिया पर ही विरोध नहीं कर रही बल्कि प्रत्यक्ष रूप से सड़कों पर उतर रही है।
स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है, लेकिन इससे प्रदर्शनकारियों की नाराजगी कम नहीं हुई है। लोग महसूस कर रहे हैं कि उनकी आवाज़ सुनी नहीं जा रही। यही कारण है कि छोटे विवाद अब बड़े प्रदर्शन में बदल रहे हैं।









