बीकानेर बीज घोटाला: 15 करोड़ के नकली बीज मामले में ACB की बड़ी कार्रवाई, बीज निगम डायरेक्टर समेत 6 आरोपी रिमांड पर

बीकानेर में नकली बीज घोटाले में बीज निगम डायरेक्टर समेत 6 आरोपी 5 दिन की रिमांड पर हैं। 15 करोड़ के बीज पास कराने के लिए 2.44 करोड़ की रिश्वत का खुलासा।

राजस्थान के बीकानेर में नकली मूंगफली बीज घोटाले में बीज निगम के नामित निदेशक समेत 6 आरोपियों को 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया। 15 करोड़ के बीज पास कराने के लिए 2.44 करोड़ की रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।

बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर में सामने आए करीब 15 करोड़ रुपये के नकली मूंगफली बीज घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान राज्य बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को बीकानेर स्थित एसीबी स्पेशल कोर्ट में पेश करने के बाद पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

यह मामला केवल बीज गुणवत्ता से जुड़ी अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर रिश्वतखोरी, मिलीभगत और प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग के आरोप भी सामने आए हैं।

15 करोड़ के बीज स्टॉक पर जांच से शुरू हुआ मामला

यह पूरा मामला 27 मई को जोधपुर में की गई एक छापेमारी से सामने आया, जब कृषि विभाग ने एक निजी गोदाम पर कार्रवाई करते हुए करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य के मूंगफली बीज को सीज किया था।

यह बीज गुजरात की एक कंपनी के “गजराज” ब्रांड के बताए जा रहे थे, जिनकी गुणवत्ता पर संदेह के बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही आरोप है कि बीज को बाजार में बेचने या वापस गुजरात भेजने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।

रिश्वत और मिलीभगत के गंभीर आरोप

एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरे नेटवर्क में बीज निगम के उच्च स्तर के अधिकारियों और निजी एजेंटों की मिलीभगत थी।

आरोप है कि सैंपल पास कराने और कार्रवाई रोकने के बदले में लगभग 2.44 करोड़ रुपये की रिश्वत का लेन-देन हुआ, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा पहले ही पहुंच चुका था।

ACB अधिकारियों के अनुसार, यह भी इनपुट मिला कि गुजरात की कुछ बीज कंपनियों के साथ मिलकर कम गुणवत्ता वाले बीजों को राजस्थान में खपाने की योजना बनाई जा रही थी।

चलती बस से 85 लाख की नकदी बरामद

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब 7 जून को लूणकरणसर (बीकानेर) में एक निजी बस से 85 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। यह रकम कथित रूप से बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर के भांजे स्वतंत्र ज्याणी के पास थी, जिसे श्रीगंगानगर पहुंचाया जाना था।

ACB ने सूचना के आधार पर बस को रोककर यह कार्रवाई की, जिसके बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं।

जयपुर और बीकानेर में एक साथ छापेमारी

चलती बस से नकदी बरामद होने के बाद एसीबी ने जयपुर, बीकानेर और अन्य स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

जयपुर स्थित बी-टू बाईपास इलाके से बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर को हिरासत में लिया गया। वहीं गोपालपुरा क्षेत्र के एक होटल से अन्य आरोपियों को पकड़ा गया।

इन कार्रवाइयों में अब तक कुल 2.44 करोड़ रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

तकनीकी निगरानी से खुला पूरा नेटवर्क

ACB ने जांच के दौरान पांच से अधिक मोबाइल फोन को सर्विलांस पर रखा था। इसी तकनीकी निगरानी के जरिए यह सामने आया कि रिश्वत की राशि को अलग-अलग माध्यमों से ट्रांसफर किया जा रहा था और इसे जल्द ही श्रीगंगानगर भेजने की तैयारी थी।

बीकानेर बीज घोटाला: 15 करोड़ के नकली बीज मामले में ACB की बड़ी कार्रवाई, बीज निगम डायरेक्टर समेत 6 आरोपी रिमांड पर

जांच एजेंसी का कहना है कि यह एक संगठित नेटवर्क था, जिसमें दलालों और सरकारी तंत्र के कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।

आरोपियों की भूमिका और गिरफ्तारी

इस मामले में गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर, किरण कापड़िया, गणपत बिश्नोई, सतपाल सिंह, सुनील सेठिया और स्वतंत्र ज्याणी शामिल हैं।

इन सभी से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की गई और कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। ACB का मानना है कि रिमांड अवधि के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

बीज गुणवत्ता और किसानों से जुड़ा गंभीर मामला

यह मामला केवल भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि किसानों की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है। यदि कम गुणवत्ता वाला या नकली बीज बाजार में चला जाता, तो इससे हजारों किसानों की फसल और उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ सकता था।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से कृषि व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होता है और बाजार में गुणवत्ता नियंत्रण की जरूरत और बढ़ जाती है।

जांच जारी, और बड़े खुलासों की संभावना

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और कई अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध है। एजेंसी अब आय से अधिक संपत्ति, बेनामी निवेश और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

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