मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने राहत कार्यों की समीक्षा की और गंगा की बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए रिंग बांध, नए स्ट्रेच और एंबैंकमेंट दुरुस्त करने की बात कही।
बेगूसराय: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा में आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार काम कर रही है। उन्होंने रिंग बांध बनाने, नए स्ट्रेच विकसित करने और गंगा के एंबैंकमेंट को दुरुस्त करने की बात कही।
हेलीकॉप्टर से किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे
सम्राट चौधरी शनिवार को बेगूसराय पहुंचे और सबसे पहले हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे किया। हवाई निरीक्षण के जरिए उन्होंने जिले में बाढ़ के फैलाव और प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप स्थित हेलीपैड पर उतरे। वहां से उनका काफिला सड़क मार्ग से उलाव के समीप कैलाशपुर सड़क स्थित पुलिया तक पहुंचा।
मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया। उनके साथ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद थे।
अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान और प्रभावित इलाकों में प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी हासिल की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन को राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियों और राहत कार्यों की समीक्षा को मुख्यमंत्री के दौरे का प्रमुख हिस्सा माना गया।
स्थानीय बाढ़ पीड़ित मुख्यमंत्री से नहीं कर सके सीधी बातचीत
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान स्थानीय बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षा व्यवस्था के चलते उनसे काफी दूरी पर रखा गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने किसी स्थानीय बाढ़ पीड़ित से सीधे बातचीत नहीं की।
मुख्यमंत्री जब निरीक्षण के बाद अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, उसी दौरान एक बाढ़ प्रभावित व्यक्ति ने आवाज लगाकर अपनी समस्या सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उसे वहां से हटा दिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री अपनी गाड़ी में बैठकर आगे निकल गए। इस कारण संबंधित व्यक्ति अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने सीधे नहीं रख सका।
यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावित लोगों की सीधी पहुंच को लेकर चर्चा का विषय भी बना।
बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप में समीक्षा बैठक
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप पहुंचा। यहां गेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत एवं बचाव अभियान और आने वाले दिनों की तैयारियों पर चर्चा की जा रही है। प्रशासन से प्रभावित इलाकों की स्थिति और लोगों तक सहायता पहुंचाने के संबंध में जानकारी ली जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन का फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने और संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारी पर है।
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गंगा में 20 लाख क्यूसेक पानी गुजरने का दावा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मीडिया से बातचीत में गंगा में पानी के भारी प्रवाह का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार बाढ़ की स्थिति का जायजा ले रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "गंगा मैया के पेट में एक तरफ से 20 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा है। पटना के बॉर्डर से लेकर पूरे क्षेत्र में बाढ़ की हालत है।"
उन्होंने बताया कि सोन नदी में भी 5.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सभी प्रभावित क्षेत्रों में अलर्ट है और लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
गंगा की बाढ़ का स्थायी समाधान करने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गंगा में आने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, सरकार पहले कोसी और गंडक नदियों से जुड़े कार्यों पर ध्यान दे रही थी, लेकिन अब गंगा के एंबैंकमेंट को पूरी तरह दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर रिंग बांध की जरूरत होगी, वहां रिंग बांध बनाए जाएंगे। इसके अलावा नए स्ट्रेच भी तैयार किए जाएंगे, ताकि बाढ़ के पानी को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
सरकार का उद्देश्य बाढ़ के पानी के अनियंत्रित फैलाव को कम करना और भविष्य में प्रभावित क्षेत्रों में इसके प्रभाव को सीमित करना है।
20 किलोमीटर तक फैल रहा पानी
सम्राट चौधरी ने कहा कि कई स्थानों पर गंगा का पानी 20-20 किलोमीटर तक के स्ट्रेच में फैल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पानी के इस फैलाव को सीमित करने और इसे व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने गंगा में जमा होने वाली गाद की समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ नियंत्रण की योजनाओं के साथ गाद की समस्या से भी निजात दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।
गंगा और उससे जुड़े इलाकों में बाढ़ के दौरान पानी का व्यापक फैलाव स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता है। ऐसे में सरकार दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन के उपायों पर जोर देने की बात कर रही है।
बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र पर भी फोकस
मुख्यमंत्री ने बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में बाढ़ के प्रभाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हुआ है और इस समस्या को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सम्राट चौधरी ने क्षेत्र को बेहतर बनाने और बाढ़ से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करने की बात कही। इसके तहत बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ प्रभावित शहरी क्षेत्रों की स्थिति सुधारने पर भी ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है।
तत्काल राहत के साथ दीर्घकालिक समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री का बेगूसराय दौरा ऐसे समय हुआ है जब जिले के कई इलाकों में बाढ़ का प्रभाव बना हुआ है। दौरे के दौरान एक ओर जहां तत्काल राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की गई, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने गंगा की बाढ़ के दीर्घकालिक समाधान की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
रिंग बांध, नए स्ट्रेच और एंबैंकमेंट को मजबूत करने जैसे उपायों के जरिए सरकार बाढ़ के पानी के फैलाव को नियंत्रित करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कर रही है।
फिलहाल प्रशासन का ध्यान प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता पहुंचाने और बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने पर है। वहीं मुख्यमंत्री के घोषित दीर्घकालिक उपायों को लागू करने के लिए आगे की योजना और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर रहेगी।








