आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने कर्मचारी यूनियनों से बैठक में दो DA किस्तें, 12वें PRC और अतिरिक्त पेंशन को मंजूरी दी। 1 अक्टूबर से DA भुगतान शुरू होगा, जबकि जनवरी 2027 से पात्र पेंशनभोगियों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर सहमति बनी। सरकार ने दो किस्तों में महंगाई भत्ता (DA) जारी करने, 12वें वेतन संशोधन आयोग (PRC) की नियुक्ति और अतिरिक्त पेंशन लाभ बहाल करने को मंजूरी दी है।
राज्य सचिवालय में हुई इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कर्मचारी संगठनों की विभिन्न मांगों पर चर्चा की। बातचीत के बाद सरकार की ओर से कई घोषणाएं की गईं। कर्मचारी यूनियन नेताओं ने इन फैसलों पर संतोष जताया। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को सरकार का अभिन्न हिस्सा बताते हुए उनके हितों के लिए यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार के अनुसार, इन फैसलों के कारण आंध्र प्रदेश पर सालाना करीब ₹2,880 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
1 अक्टूबर 2026 से दो DA किस्तों का भुगतान
आंध्र प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की दो किस्तें जारी करने का फैसला किया है। इन किस्तों का भुगतान 1 अक्टूबर 2026 से शुरू किया जाएगा। सरकार ने 1 जुलाई 2024 से 1 जनवरी 2025 की अवधि से संबंधित DA किस्तों को भी जारी करने की मंजूरी दी है।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य महंगाई के बढ़ते प्रभाव के बीच कर्मचारियों की आय को समायोजित करना है। लंबित DA किस्तों के भुगतान से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
12वें वेतन संशोधन आयोग को मंजूरी
बैठक में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने 12वें Pay Revision Commission यानी PRC की नियुक्ति को मंजूरी दी। वेतन संशोधन आयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन और सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करता है।
PRC की नियुक्ति के बाद कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों और अन्य सेवा संबंधी मामलों को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से वेतन और सेवा लाभों से जुड़े मुद्दे उठाए जाते रहे हैं।
सरकार के इस फैसले को कर्मचारी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।
2022 की सरेंडर लीव का भुगतान होगा
सरकार ने कर्मचारियों की 2022 में सरेंडर की गई छुट्टियों के बदले मिलने वाली राशि को उनके खातों में जमा करने को भी मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार, यह भुगतान आगामी संक्रांति पर्व तक किया जाएगा।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों के लिए आगामी दशहरा पर्व पर एक अतिरिक्त सरेंडर लीव के भुगतान को भी मंजूरी दी गई है।
सरेंडर लीव के बदले मिलने वाला भुगतान कर्मचारियों के सेवा लाभों का हिस्सा होता है। सरकार के इस फैसले से लंबित भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
जनवरी 2027 से अतिरिक्त पेंशन का लाभ
बैठक में पेंशनभोगियों से जुड़ा भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सरकार ने जनवरी 2027 से अतिरिक्त पेंशन लाभ देने की मंजूरी दी है।
निर्णय के अनुसार, 70 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनभोगियों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ मिलेगा। वहीं, 75 वर्ष से अधिक आयु वाले पेंशनभोगियों के लिए अतिरिक्त पेंशन की दर 15 प्रतिशत होगी।
यह फैसला वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, अतिरिक्त पेंशन का प्रावधान जनवरी 2027 से लागू किया जाएगा।
कर्मचारी स्वास्थ्य योजना को किया जाएगा सुव्यवस्थित
सरकार ने Employees' Health Scheme (EHS) को सुव्यवस्थित करने का भी निर्णय लिया है। कर्मचारी स्वास्थ्य योजना के संचालन और उससे संबंधित भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह फैसला किया गया है।
गठबंधन सरकार ने NTR Vaidya Seva Trust को अगले महीने से मासिक भुगतान करने पर भी सहमति जताई है। सरकार का कहना है कि इससे कर्मचारी स्वास्थ्य योजना से संबंधित व्यवस्था को सुचारु बनाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे कर्मचारी संगठनों की चर्चाओं में भी शामिल रहे हैं। बैठक के दौरान सरकार ने इस क्षेत्र में लंबित समस्याओं को दूर करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।
कर्मचारी यूनियनों ने फैसलों पर जताया संतोष
मुख्यमंत्री के साथ बैठक में शामिल कर्मचारी यूनियन नेताओं ने सरकार की घोषणाओं पर संतोष व्यक्त किया। प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों को मुख्यमंत्री के सामने रखा।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि वे सरकार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों के लिए यथासंभव उनके साथ खड़ी रहेगी।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने यूनियन नेताओं के साथ हुई चर्चा के आधार पर लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
सरकार पर सालाना ₹2,880 करोड़ का अतिरिक्त खर्च
आंध्र प्रदेश सरकार के अनुसार, इन फैसलों के लागू होने के बाद राज्य पर करीब ₹2,880 करोड़ सालाना का अतिरिक्त वित्तीय बोझ आएगा।
इसमें कर्मचारियों के DA भुगतान, सरेंडर लीव से जुड़े भुगतान, अतिरिक्त पेंशन लाभ और कर्मचारी स्वास्थ्य योजना से संबंधित खर्च शामिल हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक फैसले के लिए अलग-अलग वित्तीय प्रभाव का विवरण नहीं दिया गया है।
सरकार के सामने इन कर्मचारी कल्याण योजनाओं को लागू करने के साथ राज्य के वित्तीय संसाधनों का संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी होगी।
अलग-अलग समयसीमा में लागू होंगे फैसले
सरकार द्वारा घोषित फैसलों को अलग-अलग समय पर लागू किया जाएगा। DA की दो किस्तों का भुगतान 1 अक्टूबर 2026 से शुरू होना है। वहीं 2022 की सरेंडर लीव का मूल्य आगामी संक्रांति तक कर्मचारियों के खातों में जमा किया जाना है।
पुलिसकर्मियों को आगामी दशहरा पर एक अतिरिक्त सरेंडर लीव का भुगतान किया जाएगा। अतिरिक्त पेंशन लाभ जनवरी 2027 से लागू होगा।
12वें PRC की नियुक्ति के बाद वेतन संशोधन से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। PRC की सिफारिशों और सरकार के बाद के फैसलों से कर्मचारियों के वेतन और सेवा शर्तों पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत की उम्मीद
मुख्यमंत्री और कर्मचारी यूनियनों के बीच हुई बैठक में DA, वेतन संशोधन, सरेंडर लीव, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया गया। सरकार ने जहां लंबित DA भुगतान की दिशा में कदम बढ़ाया है, वहीं 12वें PRC की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है।
वरिष्ठ पेंशनभोगियों के लिए जनवरी 2027 से अतिरिक्त पेंशन का फैसला भी बैठक की प्रमुख घोषणाओं में शामिल रहा। सरकार के अनुसार, इन सभी फैसलों से राज्य के खजाने पर सालाना ₹2,880 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा।
अब इन घोषणाओं को संबंधित सरकारी आदेशों और प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए लागू किया जाएगा। फैसलों के वास्तविक प्रभाव का आकलन इनके कार्यान्वयन के बाद किया जा सकेगा।








