कांग्रेस ने बेल्ट्रॉन कार्यालय में लगी आग को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं है, बल्कि सबूत मिटाने के उद्देश्य से आग लगवाई गई हो सकती है। कांग्रेस का दावा है कि कथित तौर पर रिशु श्री इसी कार्यालय से टेंडर से जुड़े कामकाज को मैनेज करता था और आग लगने से कई महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तथा दस्तावेज जल गए हैं।
पार्टी नेताओं ने प्रेस वार्ता में कहा कि आग लगने की घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि कार्यालय में मौजूद दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड नष्ट हुए हैं, तो इससे कई अहम जानकारियां सामने आने से पहले ही खत्म हो सकती हैं। हालांकि कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
दूसरी ओर, प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आग लगने के कारणों की जांच में जुटी हैं। प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग तकनीकी खराबी से लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। आग में हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद कार्यालय में मौजूद कंप्यूटर, सर्वर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई फाइलें क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कौन-कौन से दस्तावेज या रिकॉर्ड पूरी तरह नष्ट हुए हैं।
राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इस मामले में पारदर्शी जांच की मांग कर रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह और नुकसान की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
नोट: इस खबर में शामिल "सबूत मिटाने के लिए आग लगवाने" और "टेंडर मैनेज करने" संबंधी दावे कांग्रेस नेताओं के आरोप हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।











