विधानसभा चुनाव की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए Election Commission of India ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को बदलने का फैसला किया। चुनाव की तारीखों के एलान के बाद रविवार रात आयोग ने यह आदेश जारी किया।
कोलकाता: भारत में आगामी विधानसभा चुनावों की घोषणा के तुरंत बाद Election Commission of India ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए West Bengal के मुख्य सचिव और गृह सचिव को उनके पदों से हटा दिया है। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर जारी इस आदेश को चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
आयोग के निर्देश के अनुसार राज्य की मुख्य सचिव Nandini Chakraborty को पद से हटाकर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी Dushyant Nariala को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। इसी तरह गृह सचिव Jagdish Prasad Meena को भी हटाते हुए उनकी जगह Sanghamitra Ghosh को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह फैसला उस समय आया जब राज्य में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, जिससे चुनाव आयोग को प्रशासनिक स्तर पर विशेष अधिकार मिल जाते हैं।
चुनाव आयोग के पास क्यों होते हैं विशेष अधिकार
भारत में चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है। इस अवधि में चुनाव आयोग को यह अधिकार होता है कि वह चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक पदों पर तैनात अधिकारियों का तबादला या नियुक्ति कर सके।
संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी अधिकार के तहत आयोग जरूरत पड़ने पर उच्च स्तर के प्रशासनिक बदलाव भी कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और Kolkata के पुलिस आयुक्त के पदों पर भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नए मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला कौन हैं
नए मुख्य सचिव बनाए गए दुष्यंत नारियाला वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है और वे पहले उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने राज्य के आपदा प्रबंधन, नागरिक सुरक्षा और सिंचाई विभागों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें निर्देश दिया है कि वे निर्धारित समय के भीतर पदभार ग्रहण करें ताकि चुनाव से जुड़ी प्रशासनिक तैयारियां प्रभावित न हों।
राज्य के नए गृह सचिव के रूप में संघमित्रा घोष को नियुक्त किया गया है। चुनाव के दौरान गृह विभाग की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी इसी विभाग पर होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के समय इस पद पर ऐसे अधिकारी की नियुक्ति की जाती है जिस पर आयोग को पूर्ण भरोसा हो, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
दो चरणों में होगा मतदान
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। आयोग के अनुसार राज्य में इस बार मतदान दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को तय की गई है।
- पहली अधिसूचना 30 मार्च को जारी होगी
- दूसरी अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी
- नामांकन की अंतिम तिथि क्रमशः 6 अप्रैल और 9 अप्रैल तय की गई है
- नामांकन की जांच 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को होगी
- नाम वापसी की अंतिम तिथि 9 अप्रैल और 13 अप्रैल रखी गई है
आदर्श आचार संहिता चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के आचरण को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए नियमों का एक समूह है। यह चुनाव की घोषणा के साथ लागू होती है और परिणाम आने तक प्रभावी रहती है।










