जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बेंगलुरु पुलिस की एक सब-इंस्पेक्टर और दो हेड कॉन्स्टेबल को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दहेज प्रकरण में कार्रवाई के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
जयपुर: राजस्थान एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु पुलिस की एक सब-इंस्पेक्टर और दो हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। तीनों पुलिसकर्मियों पर दहेज मामले में कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने जयपुर के एक होटल में ट्रैप कार्रवाई कर उन्हें पकड़ा।
दहेज मामले में रिश्वत मांगने का आरोप
एसीबी के अनुसार जयपुर निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके खिलाफ उसकी बहू द्वारा बेंगलुरु के एचएएल थाने में दहेज का मामला दर्ज कराया गया है। इसी मामले की जांच के सिलसिले में बेंगलुरु पुलिस की एक टीम जयपुर आई हुई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि मामले में राहत देने और कार्रवाई को प्रभावित करने के बदले पुलिसकर्मियों ने दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई।
होटल में बिछाया गया जाल
एडिशनल एसपी भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में एसीबी टीम ने जयपुर के विधायकपुरी क्षेत्र स्थित होटल गणगौर में कार्रवाई की। योजना के तहत शिकायतकर्ता को आरोपियों के पास भेजा गया।
रविवार सुबह शिकायतकर्ता 40 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेकर होटल पहुंचा। जैसे ही आरोपियों ने रकम स्वीकार की, पहले से मौजूद एसीबी टीम ने घेराबंदी कर तीनों पुलिसकर्मियों को मौके पर ही पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में बेंगलुरु पुलिस की सब-इंस्पेक्टर अनीथा, हेड कॉन्स्टेबल यतीश कुमार और हेड कॉन्स्टेबल उल्वप्पा शामिल हैं। एसीबी फिलहाल तीनों से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
कार्रवाई के बाद बिगड़ी महिला अधिकारी की तबीयत
ट्रैप कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार की गई महिला सब-इंस्पेक्टर अनीथा की अचानक तबीयत खराब हो गई। इसके बाद एसीबी टीम ने तुरंत चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनीथा को रक्तचाप (बीपी) संबंधी समस्या होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत हुई। चिकित्सा जांच के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
आगे की जांच जारी
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की कथित मांग में अन्य कोई व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। साथ ही दो लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने के आरोपों की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई अंतरराज्यीय स्तर पर भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी की बड़ी सफलता मानी जा रही है।











