श्रीलंका ने दूसरे टी20 मुकाबले में वेस्टइंडीज को 37 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। कामिल मिशारा और दासुन शनाका की शानदार बल्लेबाजी के बाद दुष्मंथा चमीरा और वानिंदु हसरंगा की घातक गेंदबाजी ने जीत सुनिश्चित की।
WI vs SL Third ODI: किंग्स्टन: श्रीलंका ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 37 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबरी पर ला दिया। पहले मैच में हार झेलने के बाद श्रीलंकाई टीम दबाव में थी, लेकिन बल्लेबाजों और गेंदबाजों के संयुक्त प्रयास ने टीम को मजबूत वापसी दिलाई।
किंग्स्टन में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाए। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 18.1 ओवर में 157 रन पर सिमट गई। इस जीत के साथ अब सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला निर्णायक बन गया है, जहां दोनों टीमें खिताब जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी।
शुरुआती झटकों के बावजूद श्रीलंका ने दिखाई मजबूती
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही अपने महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए और एक समय स्कोर 43 रन पर 3 विकेट हो गया था।
ओपनर पथुम निसांका जल्दी आउट हो गए, जबकि कुसल मेंडिस भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। लगातार विकेट गिरने से श्रीलंकाई बल्लेबाजी दबाव में आ गई थी और ऐसा लग रहा था कि टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाएगी।
हालांकि मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने धैर्य दिखाया और पारी को संभालते हुए टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। यही साझेदारियां बाद में मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुईं।
कामिल मिशारा ने निभाई एंकर की भूमिका
जब टीम संकट में थी, तब युवा बल्लेबाज कामिल मिशारा ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने शुरुआत में संयम दिखाया और विकेट बचाने पर ध्यान दिया। बाद में जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, उन्होंने अपने शॉट्स खेलने शुरू किए।
मिशारा ने नाबाद 61 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें चौकों और छक्कों का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने दबाव की स्थिति में भी धैर्य नहीं खोया और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की एक और महत्वपूर्ण पारी रही, जिसने उन्हें टीम के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है।
कामिंदु मेंडिस ने दी अहम साझेदारी
मध्यक्रम में कामिंदु मेंडिस ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने मिशारा के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की और स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया।
हालांकि वह बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन उनके 24 रन टीम के लिए बेहद मूल्यवान साबित हुए। उन्होंने विकेट गिरने के सिलसिले को रोका और विरोधी गेंदबाजों को हावी होने का मौका नहीं दिया।
कामिंदु और मिशारा की साझेदारी ने श्रीलंका को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की और आगे आने वाले विस्फोटक बल्लेबाजी प्रदर्शन की नींव रखी।
कप्तान शनाका ने बदला मैच का रुख
पारी का सबसे रोमांचक चरण तब आया जब कप्तान दासुन शनाका बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे। उन्होंने आते ही आक्रामक अंदाज अपनाया और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
शनाका ने केवल 24 गेंदों में 58 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास साफ नजर आया। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और गेंदबाजों को कोई राहत नहीं दी।
मिशारा और शनाका के बीच पांचवें विकेट के लिए 103 रन की तेज साझेदारी हुई, जिसने मैच का पूरा समीकरण बदल दिया। जहां एक समय श्रीलंका संघर्ष कर रहा था, वहीं इस साझेदारी ने टीम को 194 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचा दिया।

वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को मिला सीमित सफलता
वेस्टइंडीज के लिए तेज गेंदबाज समर जोसेफ सबसे सफल रहे। उन्होंने महत्वपूर्ण विकेट लेकर श्रीलंका को शुरुआती झटके दिए।
मैथ्यू फोर्ड ने भी कुछ हद तक प्रभावशाली गेंदबाजी की, लेकिन डेथ ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाज श्रीलंकाई बल्लेबाजों को रोकने में असफल रहे। विशेष रूप से शनाका और मिशारा ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाकर मैच को पूरी तरह श्रीलंका की ओर मोड़ दिया।
विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम पांच ओवरों में वेस्टइंडीज की गेंदबाजी रणनीति कमजोर साबित हुई, जिसका खामियाजा टीम को हार के रूप में भुगतना पड़ा।
लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखरी वेस्टइंडीज
195 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में ही अपने दोनों प्रमुख बल्लेबाजों को खो दिया।
ब्रैंडन किंग और शाई होप का जल्दी आउट होना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। इसके बाद मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन बढ़ते रन रेट ने उन पर लगातार दबाव बनाए रखा।
वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शुरुआत तो कर रहे थे, लेकिन कोई भी खिलाड़ी बड़ी और मैच जिताऊ पारी नहीं खेल सका। यही टीम की हार का सबसे बड़ा कारण बना।
हेटमायर और पॉवेल ने दिखाई लड़ाई
मध्यक्रम में शिमरोन हेटमायर और कप्तान रोवमैन पॉवेल ने संघर्ष जरूर किया। दोनों बल्लेबाजों ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की।
हेटमायर ने 36 रन और पॉवेल ने 43 रन का योगदान दिया। हालांकि दोनों बल्लेबाज रन गति बढ़ाने के प्रयास में अपने विकेट गंवा बैठे।
इन दोनों के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज की उम्मीदें लगभग समाप्त हो गईं और शेष बल्लेबाज श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके।
चमीरा और हसरंगा ने किया कमाल
श्रीलंका की जीत के असली हीरो गेंदबाजी विभाग में दुष्मंथा चमीरा और वानिंदु हसरंगा रहे। दोनों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में डाल दिया।
चमीरा ने नई गेंद से शानदार शुरुआत दिलाई और शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। उनकी गति और सटीक लाइन ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
दूसरी ओर, हसरंगा ने अपनी स्पिन गेंदबाजी से मध्यक्रम को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने लगातार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।












