जोधपुर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। थर्माकॉल से तैयार विशेष रथ को जयपुर से मंगवाए गए फूलों से सजाया गया। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे मार्ग में स्वागत किया गया।
जोधपुर: भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा रविवार को जोधपुर में धार्मिक उत्साह और भक्ति के माहौल के बीच निकाली गई। माहेश्वरी न्याति नोहरा से शुरू हुई यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर रातानाडा स्थित माहेश्वरी भवन तक पहुंची। विशेष रूप से तैयार किए गए रथ और आकर्षक सजावट ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
थर्माकॉल से तैयार किया गया विशेष रथ
रथ यात्रा के लिए इस बार भगवान जगन्नाथ का रथ विशेष रूप से थर्माकॉल से तैयार किया गया। आयोजन समिति के अनुसार रथ को आकर्षक स्वरूप देने के लिए जयपुर से विशेष फूल मंगवाए गए थे। भगवान की प्रतिमा को पहनाई गई ज्वेलरी भी हाथों से तैयार की गई, जिसे बनाने में करीब सात दिन का समय लगा।

रथ की सजावट और शिल्पकला ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। यात्रा मार्ग पर लोगों ने रथ के दर्शन कर भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाए।
शहर के प्रमुख मार्गों से निकली यात्रा
सुबह शुरू हुई रथ यात्रा खांडा फलसा, आड़ा बाजार, गंगश्यामजी मंदिर, त्रिपोलिया रोड और नई सड़क चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया।
रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालु रस्सियों के सहारे रथ को खींचते हुए "हरे कृष्ण" और "जय जगन्नाथ" के जयकारे लगा रहे थे। पूरे मार्ग में भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
संतों और श्रद्धालुओं की रही विशेष भागीदारी
यात्रा में विभिन्न धार्मिक संतों और महात्माओं ने भी हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में समाज के लोग परिवार सहित रथ यात्रा में शामिल हुए। पारंपरिक परिधानों में सजे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए यात्रा के साथ चलते रहे।
आयोजन के दौरान बच्चों को सेठ-सेठानी के रूप में सजाया गया और उन्हें ऊंट पर बैठाकर शोभायात्रा का हिस्सा बनाया गया। इससे यात्रा का आकर्षण और बढ़ गया।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन समिति की ओर से यात्रा मार्ग पर पानी और शरबत की विशेष व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं को नियमित अंतराल पर पेयजल उपलब्ध कराया गया ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आयोजकों के अनुसार यह रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में एकता, संगठन और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम भी है। यात्रा के समापन पर माहेश्वरी भवन में भगवान जगन्नाथ की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
समाज में एकता का संदेश
आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि यह रथ यात्रा पुरी की प्रसिद्ध जगन्नाथ यात्रा से प्रेरित है। इसका उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में आपसी सहयोग और एकजुटता का संदेश देना है।
रथ यात्रा में शामिल लोगों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। शहर के विभिन्न हिस्सों में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया, जिससे आयोजन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ गया।










