बिहार में मौसम का डबल बदलाव: भागलपुर में 11 अक्टूबर तक बारिश के आसार, नवंबर से बढ़ेगी ठंड

भागलपुर में 11 अक्टूबर तक हल्की बारिश, बादल और तेज हवा के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर से ठंड बढ़ सकती है और दीपावली-छठ पर कनकनी महसूस होगी।
बिहार में मौसम का डबल बदलाव: भागलपुर में 11 अक्टूबर तक बारिश के आसार, नवंबर से बढ़ेगी ठंड
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भागलपुर। बिहार के भागलपुर सहित पूर्वी बिहार के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। अक्टूबर की शुरुआत में रुक-रुककर हो रही बारिश और आसमान में छाए बादलों के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास भी होने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, 11 अक्टूबर तक बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। इसके बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने और नवंबर से ठंड का प्रभाव बढ़ने का अनुमान जताया गया है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम विभाग के नोडल पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार के अनुसार, अक्टूबर के दौरान मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। मौसम के इस बदलाव के बीच सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट महसूस होने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि इस बार ठंड का असर सामान्य से अधिक रह सकता है, हालांकि वास्तविक स्थिति आने वाले दिनों के तापमान और मौसम प्रणालियों पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट के अनुसार, भागलपुर में एक नवंबर से ठंड का प्रभाव अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 अक्टूबर तक भागलपुर और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान एक-दो स्थानों पर मेघ गर्जन, हल्की बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी जाती है। विभाग के 9 अक्टूबर के बिहार संबंधी चेतावनी पृष्ठ पर भी उसी दिन गरज-चमक और तेज हवा से जुड़ी चेतावनी दर्ज थी, जबकि 10 और 11 अक्टूबर के लिए उस पृष्ठ पर कोई चेतावनी नहीं दिखाई गई थी। इसलिए स्थानीय मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी है।

इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान बताया गया है। हवा में नमी अधिक रहने के कारण बादलों और बारिश के बीच उमस भी महसूस हो सकती है। बारिश होने पर तापमान में अस्थायी गिरावट आ सकती है, लेकिन आसमान साफ होते ही दिन में गर्मी का अहसास दोबारा बढ़ सकता है। इस तरह अक्टूबर में दिन और रात के मौसम में अंतर बना रहने की संभावना है।

हाल के दिनों में हुई बारिश से किसानों को भी राहत मिली है। भागलपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में धान की फसल के लिए खेतों में नमी बनाए रखना जरूरी है। बारिश नहीं होने के कारण कुछ खेतों में सिंचाई की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में रुक-रुककर हुई वर्षा से धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों को हालांकि खेतों में पानी की स्थिति पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि जरूरत से ज्यादा पानी जमा होने पर फसल और कटाई की तैयारी प्रभावित हो सकती है। बारिश का वास्तविक लाभ खेत की स्थिति, फसल की अवस्था और वर्षा की मात्रा पर निर्भर करेगा।

मौसम में बदलाव का असर आने वाले त्योहारों पर भी महसूस किया जा सकता है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि दीपावली और छठ के दौरान सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगेगी। आम तौर पर इस समय दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम अपेक्षाकृत ठंडा मौसम रहता है, लेकिन हवा चलने और तापमान गिरने पर लोगों को अधिक सिहरन महसूस हो सकती है। खासकर सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को कपड़ों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

छठ महापर्व के दौरान मौसम को लेकर विशेष चर्चा रहती है, क्योंकि व्रती और श्रद्धालु सुबह अर्घ्य देने के लिए तड़के घाटों पर पहुंचते हैं। इस बार भी नवंबर के मध्य में छठ के दौरान सुबह और शाम ठंडी हवा चलने की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि घाटों पर लंबे समय तक रहने वाले श्रद्धालुओं को हल्के गर्म कपड़े या जैकेट की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि छठ के वास्तविक दिनों का सटीक तापमान और हवा की स्थिति नजदीक आने पर जारी होने वाले मौसम पूर्वानुमान से ही स्पष्ट होगी।

दुर्गापूजा के दौरान भी सुबह और शाम ठंडी हवा महसूस होने की संभावना बताई गई है। इस अवधि में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार लगातार भारी बारिश की आशंका नहीं जताई गई है। त्योहारों के दौरान बाजारों, पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को मौसम के अनुसार तैयारी रखनी होगी। बारिश की संभावना वाले दिनों में छाता या रेनकोट साथ रखना उपयोगी हो सकता है, जबकि सुबह-शाम बाहर निकलने पर हल्का गर्म कपड़ा काम आ सकता है।

मौसम में बदलाव के बीच स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भागलपुर के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विनय कुमार झा ने बारिश में भीगने से बचने, ताजा भोजन करने और सुबह-शाम शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी है। बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और मौसमी संक्रमण के लक्षण दिखाई दें तो लापरवाही करने के बजाय उचित चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है। बच्चों और बुजुर्गों के मामले में खास ध्यान रखने की जरूरत है।

भागलपुर में मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए राहत लेकर आया है, जबकि आने वाले दिनों में ठंड की तैयारी का संकेत भी दे रहा है। फिलहाल 11 अक्टूबर तक बारिश और बादलों की संभावना पर नजर रहेगी। इसके बाद तापमान में होने वाले बदलाव से यह स्पष्ट होगा कि ठंड कितनी तेजी से बढ़ती है। दीपावली और छठ के दौरान कनकनी बढ़ने का अनुमान है, लेकिन त्योहारों के दिनों के लिए मौसम की सटीक स्थिति ताजा पूर्वानुमान के आधार पर ही तय की जा सकेगी।

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