SIR विवाद पर बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी से पूछे सवाल, बंगाल चुनाव के पुराने बयान का किया जिक्र

SIR विवाद पर बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी से सवाल किए। उन्होंने बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की सरकार पर दिए गए पुराने बयान का हवाला दिया।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी के रुख पर सवाल उठाए। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की सरकार पर राहुल के पुराने बयान का हवाला देकर स्पष्टीकरण मांगा।

झारखंड: भाजपा नेता और झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन और चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर राहुल गांधी से जवाब मांगा। मरांडी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की सरकार पर राहुल गांधी की टिप्पणी का जिक्र करते हुए उनके पुराने और मौजूदा रुख के बीच अंतर पर सवाल उठाए।

बंगाल चुनाव पर राहुल गांधी के पुराने बयान का जिक्र

मरांडी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी की ओर से ममता बनर्जी की सरकार को लेकर दिए गए बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उस समय राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार और राज्य में ध्रुवीकरण जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा था कि यदि ममता बनर्जी की सरकार का कामकाज अलग होता, तो भाजपा के लिए बंगाल में राजनीतिक अवसर बनना मुश्किल होता।

भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि जब राहुल गांधी ने चुनाव के दौरान ममता बनर्जी की सरकार के कामकाज पर टिप्पणी की थी, तो अब SIR और चुनाव आयोग को लेकर उनके सवालों को किस तरह समझा जाए। मरांडी ने राहुल गांधी से स्पष्ट करने को कहा कि उनका पहले का बयान सही था या अब चुनाव आयोग को लेकर उठाई जा रही आपत्तियां उचित हैं।

उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वह बार-बार ऐसे बयान देते हैं, जिनके लिए बाद में उन्हें अदालत में माफी मांगनी पड़ती है। यह मरांडी का राजनीतिक आरोप है; उपलब्ध खबर में इस दावे के समर्थन में किसी विशिष्ट अदालती मामले का विवरण नहीं दिया गया है।

आंदोलन और विरोध को लेकर भी रखी राय

मरांडी ने आंदोलन की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी विरोध का कोई स्पष्ट कारण होना चाहिए और उसकी मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने सीजीपीसी के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल विरोध करने के लिए विरोध करना उचित नहीं है।

उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब SIR और चुनाव आयोग की भूमिका राजनीतिक बहस के विषय बने हुए हैं। इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के नेताओं के बयान राजनीतिक टकराव को और सामने ला रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग से संबंधित किसी आरोप की सत्यता का आकलन संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जा सकता है।

भाजपा ने 2029 के चुनाव की तैयारी पर दिया जोर

धनबाद दौरे के दौरान मरांडी ने भाजपा कार्यकर्ताओं से संगठन मजबूत करने और वर्ष 2029 के चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नए और प्रभावी कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर काम कर रही है।

धनबाद पहुंचने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कई स्थानीय पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मरांडी की टिप्पणी में एक ओर राहुल गांधी और कांग्रेस पर राजनीतिक सवाल उठाए गए, वहीं दूसरी ओर भाजपा संगठन को आगामी चुनावों के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया।

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