भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI रेड से पंजाब में सियासी घमासान, AAP ने BJP पर लगाए आरोप

चंडीगढ़ में भगवंत मान के कैंप ऑफिस समेत 8 ठिकानों पर CBI ने तलाशी ली। कार्रवाई पर AAP ने BJP पर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाया, जांच जारी है।

चंडीगढ़ में पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की कार्रवाई के बाद AAP और BJP के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कार्रवाई भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में हुई है।

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस पर CBI की कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने के बाद आठ ठिकानों पर तलाशी ली। AAP ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बताया है, जबकि जांच भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े मामले में आगे बढ़ रही है।

मुख्यमंत्री कैंप ऑफिस तक पहुंची CBI की कार्रवाई

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की तलाशी के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। CBI ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस समेत पंजाब और चंडीगढ़ में कुल आठ ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में की गई है।

CBI ने राजबीर सिंह घुमन समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी नीतियों और टेंडर से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस निर्देश के बाद हुई, जिसमें मामले की CBI जांच का आदेश दिया गया था।

CBI की टीम ने चंडीगढ़ के अलावा मोहाली, संगरूर, पटियाला, जालंधर, लुधियाना और गुरदासपुर में भी तलाशी ली। जांच के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और दस्तावेज समेत कुछ सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।

AAP ने CBI-ED की कार्रवाई को राजनीतिक बताया

CBI की कार्रवाई के बाद आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है और केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। मान ने CBI की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।

AAP नेताओं का कहना है कि पंजाब में राजनीतिक स्तर पर अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने के बाद केंद्र की एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी नेताओं ने CBI और ED की कार्रवाई को लेकर केंद्र पर सवाल उठाए हैं।

AAP विधायक और पूर्व मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब के लोग दबाव की राजनीति स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने भाजपा के पंजाब में राजनीतिक कार्यक्रमों और केंद्रीय नेताओं के दौरों का जिक्र करते हुए दावा किया कि इन्हें अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला।

हालांकि, जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर सामने आए आरोपों और AAP के राजनीतिक दावों को अलग-अलग रखना जरूरी है। CBI की जांच का आधार हाईकोर्ट का आदेश और भ्रष्टाचार से संबंधित आरोप हैं, जबकि AAP इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रही है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ा विवाद

मामले की पृष्ठभूमि में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का आदेश है। अदालत ने ED की ओर से सामने रखी गई सामग्री के आधार पर CBI को कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। आरोपों में सरकारी ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर और अन्य सरकारी फैसलों को प्रभावित करने से जुड़े दावे शामिल हैं।

पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। ऐसे में अब मामले की कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ CBI जांच भी आगे बढ़ रही है।

दूसरी ओर, भाजपा ने AAP के राजनीतिक आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि CBI की कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही है। भाजपा नेताओं ने जांच को अदालत की निगरानी में आगे बढ़ने की बात कही है।

इस कार्रवाई के बाद पंजाब में AAP सरकार और केंद्र के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। आने वाले दिनों में CBI जांच और सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से मामले की आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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