पंजाब में आठ जगहों पर CBI की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जांच एजेंसी पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्रवाई को चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के कथित इस्तेमाल से जोड़ते हुए कहा कि छापे में कुछ नहीं मिला।
संगरूर: पंजाब में आठ स्थानों पर CBI की छापेमारी और मुख्यमंत्री के OSD को सम्मन जारी होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जांच एजेंसी पर निशाना साधा। धूरी में पत्रकारों से बातचीत में मान ने दावा किया कि छापेमारी में CBI को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि OSD को भेजे गए नोटिस का जवाब दिया जाएगा और चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
CBI की कार्रवाई पर CM मान ने उठाए सवाल
पंजाब में मंगलवार को आठ स्थानों पर हुई CBI की छापेमारी के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को जांच एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। धूरी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का नींव पत्थर रखने से पहले पत्रकारों से बातचीत में मान ने कहा कि CBI की टीम को तलाशी के दौरान कुछ नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके OSD को जारी किए गए सम्मन का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने CBI को केंद्र की भाजपा सरकार की ‘कठपुतली’ बताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विरोधी नेताओं और उनके करीबियों पर दबाव बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मान ने दावा किया कि पंजाब में हुई कार्रवाई से भी कुछ सामने नहीं आएगा। हालांकि, CBI की जांच और छापेमारी से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
‘बीजेपी के पास पंजाब में कोई मुद्दा नहीं’
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने CBI की कार्रवाई को पंजाब की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में CBI की दस्तक इस बात का संकेत है कि विधानसभा चुनाव समय पर होने वाले हैं।
मान के मुताबिक, भाजपा के पास पंजाब से जुड़े पर्याप्त राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं। उन्होंने भाजपा की ओर से निकाली गई नशा विरोधी यात्रा का भी जिक्र किया और दावा किया कि उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए भाजपा उनके करीबियों, रिश्तेदारों, OSD और मंत्रियों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए ED, CBI और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
हालांकि, केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री के राजनीतिक आरोप उनकी प्रतिक्रिया के तौर पर सामने आए हैं। किसी भी जांच में लगाए गए आरोपों और उनके राजनीतिक आकलन को जांच के निष्कर्ष से अलग देखना होगा।
‘CBI में 20 साल से लंबित हैं कई मामले’
भगवंत मान ने CBI की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एजेंसी के पास कई ऐसे मामले हैं जो कथित तौर पर 20-20 वर्षों से लंबित हैं, लेकिन उन पर तेजी से कार्रवाई नहीं होती।
मान ने कहा कि पंजाब का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसके बावजूद CBI ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब में दबाव की राजनीति के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है, लेकिन पंजाब के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां भी चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के जरिए आम आदमी पार्टी और उसके नेताओं पर दबाव बनाया गया। उन्होंने पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।
मान ने कहा कि पंजाब में भी जांच के बाद कुछ सामने नहीं आएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि CBI की टीम कार्रवाई के बाद खाली हाथ लौट गई।
CBI की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान के बाद पंजाब में AAP और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।











