भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। संगठनात्मक और चुनावी रणनीति पर चर्चा के बाद संकेत मिले हैं कि जनवरी 2026 तक नए अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। प्रमुख दावेदारों में धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं।
New Delhi: भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन को लेकर पिछले कुछ दिनों से अंदरूनी हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष की संसद भवन में हुई बंद कमरे की बैठक के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में आ गया है। लगभग एक घंटे चली इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठनात्मक स्थिति, आगामी फैसलों और नई रणनीति को लेकर विस्तार से बातचीत की गई, जिससे यह संकेत मिलने लगा है कि पार्टी नेतृत्व में बड़ा बदलाव अब अधिक दूर नहीं है।
अगले अध्यक्ष पर प्रक्रिया आगे बढ़ी
सूत्रों के मुताबिक बैठक में तीन मुख्य विषयों पर समीक्षा हुई जिनमें राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया, उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल शामिल रहे। पार्टी इन मुद्दों को लेकर गंभीरता से आगे बढ़ रही है और संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी के मध्य तक नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया जा सकता है।
इससे पहले भाजपा और आरएसएस के बीच लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास पर हुई समन्वय बैठक में भी प्रदेश संगठन तथा आगामी नेतृत्व पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई थी, जिसके बाद यह तय माना जा रहा है कि पार्टी सबसे पहले नया यूपी अध्यक्ष घोषित करेगी और उसके तुरंत बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा होगी।
जेपी नड्डा के कार्यकाल का अंतिम चरण
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जेपी नड्डा 2020 से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और 2023 में उन्हें विस्तार दिया गया था। भाजपा संगठनात्मक ढांचे के अनुसार अध्यक्ष का चुनाव औपचारिक प्रक्रिया से होता है, लेकिन परंपरा यही रही है कि उम्मीदवार सर्वसम्मति से चुना जाता है और व्यावहारिक रूप से निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जाता है। पार्टी के 21 राज्यों में संगठन का चुनाव पहले ही पूरा हो चुका है और अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ने वाली है। पार्टी सूत्र अब यह संकेत दे रहे हैं कि 14 जनवरी के बाद चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी और अंतिम फैसला केंद्रीकृत सहमति से लिया जाएगा।
सबसे आगे किन नामों की चर्चा
अगले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिन नामों पर सबसे अधिक चर्चा है, उनमें केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हैं। धर्मेंद्र प्रधान संगठनात्मक अनुभव और केंद्र सरकार में सक्रिय भूमिका के कारण मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
भूपेंद्र यादव पार्टी की रणनीति और संगठनात्मक प्रबंधन के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण चेहरे रहे हैं और उनकी प्रशासनिक क्षमता उन्हें इस दौड़ में आगे रखती है। इसी तरह शिवराज सिंह चौहान की जनाधार वाली छवि और उनका व्यापक अनुभव उन्हें भी एक प्रभावशाली विकल्प बनाता है। केशव प्रसाद मौर्य भी लंबे समय से संगठन से जुड़े हैं और इसलिए उनका नाम भी लगातार विचार में है, हालांकि उनकी संभावना तुलनात्मक रूप से कम आंकी जा रही है।
पार्टी के लिए बड़ा रणनीतिक फैसला
भाजपा के लिए नया अध्यक्ष चुनना एक बड़ा और रणनीतिक फैसला है क्योंकि आने वाले वर्षों में कई राज्यों के चुनाव होने हैं और 2029 के लोकसभा चुनाव की तैयारी भी इसी संगठनात्मक बदलाव से जुड़ी दिखती है। नया अध्यक्ष वही होगा जो पार्टी की राजनीतिक गति, संगठन की संरचना, चुनावी तैयारी और युवा कार्यकर्ताओं के व्यापक नेटवर्क को नई दिशा दे सके।










