देबिना बनर्जी का IVF संघर्ष: पति ने रोका, 5 साल बाद बनीं दो बेटियों की मां

टीवी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी ने IVF के जरिए अपनी मातृत्व यात्रा के संघर्षों को साझा किया। पति के विरोध के बावजूद 5 साल बाद उन्होंने दो बेटियों को जन्म दिया।

एक्ट्रेस देबिना बनर्जी अब दो बेटियों की मां बन चुकी हैं। उनके आयरिश ट्विन्स हैं, यानी एक साल के भीतर उन्होंने दो बार गर्भधारण किया। उनकी बेटियों के नाम हैं लियाना और दिविशा।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: टीवी इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेस देबिना बनर्जी अपनी प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ पर्सनल लाइफ को लेकर भी अक्सर सुर्खियों में रहती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने मदरहूड और IVF जर्नी को लेकर खुलासा किया, जो महिलाओं और परिवारों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकता है। देबिना अब दो बेटियों की मां बन चुकी हैं, जिनकी जन्मस्थली आयरिश ट्विन्स है। 

एक साल के भीतर उन्होंने दो बार कंसीव किया और अब उनकी बेटियों के नाम लियाना और दिविशा हैं। देबिना अक्सर अपनी बेटियों के साथ घूमती, खेलती और मस्ती करती दिखाई देती हैं, और अपनी मदरहूड जर्नी का पूरा आनंद ले रही हैं।

शादी के कई सालों तक नैचुरल तरीके से कंसीव नहीं कर पाईं

देबिना ने इंटरव्यू में बताया कि शादी के कई सालों तक वे नैचुरल तरीके से गर्भवती नहीं हो पाईं। कई प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने डॉक्टर की सलाह पर IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) का सहारा लिया। देबिना ने कहा, IVF की प्रक्रिया आसान नहीं थी। शरीर पर दर्द, हार्मोनल ट्रीटमेंट और कई बार असफलता झेलना बहुत चुनौतीपूर्ण था। फिर भी मैंने हार नहीं मानी।

देबिना ने बताया कि उनका IVF पहली बार में सफल नहीं हुआ, और इसके बाद कई प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिली। इस दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, हर बार उम्मीद लेकर जाती थी और हर बार निराशा हाथ लगती थी। कई बार लगा कि शायद यह सफर मेरी समझ से बाहर है, लेकिन मैंने कभी कोशिश करना नहीं छोड़ा।

देबिना बनर्जी का IVF संघर्ष: पति ने रोका, 5 साल बाद बनीं दो बेटियों की मां

पति गुरमीत चौधरी का समर्थन

देबिना ने खुलासा किया कि उनके पति गुरमीत चौधरी ने इस पूरे सफर में उनका पूरा समर्थन किया। हालांकि, एक समय ऐसा भी आया जब गुरमीत ने कहा, अब रहने दो, मेरे लिए तुम ज्यादा जरूरी हो। सिर्फ मां बनना ही जिंदगी का उद्देश्य नहीं है। देबिना ने कहा कि उस समय उन्हें यह बात समझ में नहीं आई, लेकिन आज वे समझती हैं कि महिलाओं की मेंटल हेल्थ और शरीर का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है।

लगातार पांच साल तक IVF के प्रयासों में असफल रहने के बाद आखिरकार देबिना ने कंसीव किया। उन्होंने इसे भगवान का चमत्कार बताया। इसके बाद एक साल में उन्होंने दो बार गर्भधारण किया और अब उनकी दो बेटियां हैं। देबिना ने कहा, आज पीछे मुड़कर देखती हूं तो महसूस होता है कि यह सफर कितना कठिन था, लेकिन इसी संघर्ष ने मेरी जिंदगी में खुशियां और संतोष लाए।

देबिना ने कहा कि समाज को ऐसे पुरुषों की जरूरत है, जो सिर्फ मातृत्व या जन्म के दबाव को नहीं, बल्कि महिला की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की अहमियत को भी समझें। उन्होंने बताया कि गुरमीत ने उन्हें यह सिखाया कि महिला सिर्फ मां बनने तक सीमित नहीं होती, उसका जीवन और महत्व इससे कहीं अधिक है।

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