भरतपुर हाईवे हादसा: खड़ी स्लीपर बस से टकराई रोडवेज, 8 यात्री घायल, जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर लगा लंबा जाम

भरतपुर मे जयपुर-आगरा हाईवे पर खड़ी स्लीपर बस को रोडवेज बस ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 8 यात्री घायल हुए, हाईवे पर लंबा जाम लगा और पुलिस ने जांच शुरू की।

राजस्थान के भरतपुर में जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर खड़ी एक स्लीपर कोच बस को पीछे से आ रही रोडवेज बस ने टक्कर मार दी। हादसे में आठ यात्री घायल हो गए, जबकि दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया।

भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में मंगलवार शाम जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। चिकसाना थाना क्षेत्र के कदम कुंज होटल के पास खड़ी एक निजी स्लीपर कोच बस को पीछे से आ रही राजस्थान रोडवेज की बस ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कम से कम आठ यात्री घायल हो गए, जबकि हादसे के बाद हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

घायलों को तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से भरतपुर के आरबीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि जिस स्लीपर बस को टक्कर लगी, उसमें उस समय कोई यात्री मौजूद नहीं था।

खराब होने के कारण हाईवे पर खड़ी थी स्लीपर बस

पुलिस के अनुसार निजी स्लीपर कोच बस भरतपुर से आगरा की ओर जा रही थी। रास्ते में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण चालक ने बस को सड़क किनारे डिवाइडर के पास सुरक्षित खड़ा कर दिया। इसके बाद वह वाहन हटाने के लिए क्रेन का इंतजार कर रहा था।

इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रही राजस्थान रोडवेज की बस समय रहते नियंत्रण नहीं कर सकी और सीधे स्लीपर बस से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्लीपर बस डिवाइडर पर चढ़ गई, जबकि रोडवेज बस का अगला हिस्सा और शीशे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

रोडवेज बस में सवार थे करीब 40 यात्री

जानकारी के अनुसार रोडवेज बस में लगभग 40 यात्री सफर कर रहे थे। अचानक हुए हादसे से बस में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। कई यात्रियों को सीटों और बस के अंदरूनी हिस्सों से टकराने के कारण चोटें आईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सात से आठ यात्रियों को गंभीर या सामान्य चोटें आई हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।

चालक और परिचालक मौके से हुए फरार

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार दुर्घटना के तुरंत बाद रोडवेज बस का चालक और परिचालक घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय वाहन की गति कितनी थी तथा चालक की लापरवाही इस दुर्घटना की मुख्य वजह थी या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

आधे घंटे तक बाधित रहा यातायात

हादसे के बाद जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। दुर्घटनाग्रस्त बसों के सड़क पर फंस जाने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ।

पुलिस ने तुरंत क्रेन मंगाकर दोनों बसों को सड़क से हटवाया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद यातायात सामान्य किया जा सका। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने ट्रैफिक को वैकल्पिक दिशा से भी नियंत्रित किया।

पुलिस ने शुरू की दुर्घटना की जांच

ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि सड़क पर खड़ी बस के पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए थे या नहीं। साथ ही रोडवेज बस की गति, चालक की सतर्कता और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच होगी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि दुर्घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।

हाईवे पर सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

इस दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और खराब वाहनों के प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर खराब होने वाले वाहनों के पीछे पर्याप्त दूरी पर चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर और सुरक्षा बैरियर लगाए जाने चाहिए ताकि पीछे से आने वाले वाहन समय रहते सावधानी बरत सकें।

साथ ही लंबी दूरी की बसों के चालकों के लिए निर्धारित गति सीमा का पालन और पर्याप्त विश्राम भी सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

घायलों की स्थिति

अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है। चिकित्सकों की टीम सभी यात्रियों की जांच कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बसों को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

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