भरतपुर में एक किसान को कॉमन करैत सांप ने काट लिया, जिसके बाद उसने साहस दिखाते हुए उसी सांप को बोतल में बंद कर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने पहचान कर तुरंत एंटी-स्नेक वेनम दिया, जिससे उसकी हालत में सुधार हुआ।
भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां सांप के काटने के बाद एक किसान ने न केवल साहस दिखाया बल्कि सूझबूझ का परिचय देते हुए उसी जहरीले सांप को पकड़कर अस्पताल पहुंच गया। यह घटना बयाना क्षेत्र के सालाबाद गांव की है, जहां रविवार देर रात करीब 2 बजे यह हादसा हुआ।
40 वर्षीय किसान जोगेंद्र सिंह रात में टॉयलेट जाने के लिए घर से बाहर निकले थे। अंधेरे के कारण उन्हें सीढ़ियों पर बैठा जहरीला सांप दिखाई नहीं दिया और उनका पैर अनजाने में सांप पर पड़ गया। इसके तुरंत बाद सांप ने उनके पैर में काट लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
काटने के बाद भी दिखाई अद्भुत हिम्मत, सांप को बोतल में किया बंद
सांप के काटने के बाद जोगेंद्र सिंह ने घबराने के बजाय साहसिक कदम उठाया। उन्होंने परिवार को तुरंत जगाया और लाइट जलने पर देखा कि सीढ़ियों पर एक जहरीला सांप मौजूद था। पहचान के अनुसार यह कॉमन करैत (Common Krait) प्रजाति का अत्यंत विषैला सांप था।
हैरानी की बात यह रही कि किसान ने बिना समय गंवाए सांप को पकड़कर पास में रखी एक खाली प्लास्टिक बोतल में बंद कर लिया। इसके बाद वह उसी सांप को लेकर सीधे बयाना के सरकारी अस्पताल पहुंच गए।
अस्पताल में हड़कंप, स्टाफ भी देखकर रह गया हैरान
जब जोगेंद्र सिंह अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ को बताया कि इसी सांप ने उन्हें काटा है, तो शुरुआत में किसी को यकीन नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही उन्होंने बोतल दिखाई, जिसमें जीवित कॉमन करैत सांप बंद था, अस्पताल स्टाफ कुछ देर के लिए सहम गया।
यह दृश्य काफी असामान्य था, क्योंकि आमतौर पर सांप काटने के मामलों में मरीज अकेले ही आते हैं और सांप की पहचान नहीं हो पाती। इस मामले में सांप के साथ मरीज का पहुंचना मेडिकल टीम के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
सांप की पहचान से तुरंत शुरू हुआ सही इलाज
डॉक्टरों ने बताया कि भारत में सांप काटने के मामलों में सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि यह स्पष्ट नहीं होता कि कौन-सा सांप काटने वाला है और वह कितना जहरीला था। ऐसे में इलाज में देरी या गलत इलाज का खतरा बढ़ जाता है।
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लेकिन इस मामले में कॉमन करैत की पहचान तुरंत हो जाने के कारण डॉक्टरों ने बिना देर किए एंटी-स्नेक वेनम (ASV) देना शुरू कर दिया। यही वजह रही कि जहर शरीर में ज्यादा नहीं फैल पाया और मरीज की स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
कॉमन करैत: बेहद जहरीला लेकिन कम दिखने वाला सांप
कॉमन करैत भारत के सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है। यह आमतौर पर रात के समय सक्रिय रहता है और अक्सर घरों या खेतों के आसपास भी देखा जाता है। इसका जहर तंत्रिका तंत्र पर असर करता है, जिससे समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, करैत का काटना कई बार दर्द रहित होता है, जिससे लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे मामलों में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
डॉक्टरों की राय: समय पर अस्पताल पहुंचना बना जीवन रक्षक
डॉक्टरों ने बताया कि इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मरीज तुरंत अस्पताल पहुंचा और किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या झाड़-फूंक में समय नहीं गंवाया गया। यदि इलाज में थोड़ी भी देरी होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल जोगेंद्र सिंह की हालत स्थिर है और उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है। उन्हें निगरानी में रखा गया है और जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होने की उम्मीद है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सांप काटने के मामलों पर चिंता
यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सांप काटने की बढ़ती घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित करती है। बारिश के मौसम और अंधेरे में ऐसे हादसे आम हो जाते हैं, खासकर जहां घरों के आसपास साफ-सफाई और रोशनी की कमी होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सांप काटने के बाद सबसे जरूरी कदम तुरंत अस्पताल पहुंचना है। किसी भी तरह की घरेलू चिकित्सा, झाड़-फूंक या देरी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है।
बिना प्रशिक्षण सांप पकड़ना बेहद खतरनाक
हालांकि इस मामले में किसान की हिम्मत ने डॉक्टरों की मदद जरूर की, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बिना प्रशिक्षण के जहरीले सांप को पकड़ना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। ऐसा करने से दोबारा काटने या गंभीर चोट का खतरा बढ़ जाता है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि सांप को छेड़ने या पकड़ने की कोशिश के बजाय तुरंत सुरक्षित दूरी बनाकर मदद बुलानी चाहिए।









