भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार के संकेत, विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अगले महीने करेंगे भारत का दौरा

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में सुधार के संकेत मिले हैं। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे, जहां कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

अंतरिम सरकार के दौरान बिगड़े भारत-बांग्लादेश रिश्तों के फिर से पटरी पर लौटने के संकेत मिल रहे हैं। बांग्लादेश की नवनिर्वाचित तारिक रहमान सरकार के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अगले महीने के पहले हफ्ते भारत दौरे पर आएंगे।

World News: भारत और बांग्लादेश के बीच पिछले कुछ समय से तनावपूर्ण रहे द्विपक्षीय संबंध अब धीरे-धीरे सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं। हालिया कूटनीतिक गतिविधियों के बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अगले महीने भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों में नई शुरुआत और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देश ऊर्जा सहयोग, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर फिर से संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

जयशंकर और बांग्लादेशी उच्चायुक्त की मुलाकात के बाद तय हुआ दौरा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह के बीच हुई बैठक के बाद इस यात्रा की जानकारी सामने आई। दोनों पक्षों ने बातचीत के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और लंबित समझौतों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अप्रैल के पहले सप्ताह में भारत आएंगे। वह हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉरीशस भी जाएंगे और इसी दौरान उनका दिल्ली में ठहराव होगा।

बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद से ही भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों को सुधारने की कोशिशें तेज हुई हैं। भारत ने नई सरकार का स्वागत किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को फोन कर बधाई भी दी थी। बाद में भारत की ओर से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेश जाकर नए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं और भारत आने का निमंत्रण सौंपा। इसे दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में अहम कदम माना गया।

ऊर्जा संकट के बीच बढ़ा सहयोग

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट ने भी भारत और बांग्लादेश को एक-दूसरे के करीब आने का मौका दिया है। ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने के बाद बांग्लादेश ने भारत से डीजल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। भारत ने मानवीय और पड़ोसी सहयोग नीति के तहत बांग्लादेश को पहली खेप में लगभग 5,000 टन डीजल भेजा और जरूरत पड़ने पर आगे भी मदद का भरोसा दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खलीलुर रहमान पहले अंतरिम सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने भारत के साथ बिगड़ते संबंधों को सुधारने के लिए पहल की थी। दिल्ली दौरे के दौरान उनकी मुलाकात भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से हुई थी, जिसमें सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई थी। यही कारण है कि उन्हें नई सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।

संवेदनशील मुद्दों पर धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश

भारत और बांग्लादेश के बीच कुछ ऐसे मुद्दे भी हैं, जिन पर अभी मतभेद बने हुए हैं। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ा मामला माना जा रहा है। हालांकि दोनों देशों ने संकेत दिए हैं कि वे विवादित मुद्दों को तुरंत उठाने के बजाय पहले व्यापार, ऊर्जा और कूटनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर भरोसा मजबूत करना चाहते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश मंत्री खलीलुर रहमान का भारत दौरा इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें दोनों देश धीरे-धीरे संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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