भारत के तीन राज्यों में रिकॉर्ड मतदान: पुडुचेरी 89.87% के साथ टॉप पर, असम और केरल में भी रिकॉर्ड वोटिंग

भारत के तीन राज्यों में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है, जहां पुडुचेरी 89.87% वोटिंग के साथ सबसे आगे रहा। असम और केरल में भी भारी संख्या में मतदाताओं ने हिस्सा

भारत के दक्षिण और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में हुए विधानसभा चुनावों में इस बार मतदाताओं ने उत्साहपूर्ण भागीदारी दर्ज की है। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में हुए मतदान के दौरान रिकॉर्ड वोटिंग देखने को मिली, जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनता की मजबूत भागीदारी को दर्शाया है।

नई दिल्ली: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के तहत एक चरण में हुई वोटिंग में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और लोकतंत्र के प्रति अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई। चुनाव आयोग के अनुसार रात 9:30 बजे तक के आंकड़ों में पुडुचेरी में सबसे अधिक 89.87 प्रतिशत मतदान हुआ, जो मतदाताओं के जबरदस्त उत्साह को दर्शाता है। इसके बाद असम में 85.65 प्रतिशत और केरल में 78.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 

तीनों ही राज्यों में मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ, जहां लोगों ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का उपयोग किया। अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम सामने आएंगे।

पुडुचेरी में सर्वाधिक मतदान, 89.87% मतदान दर्ज

पुडुचेरी (Puducherry) इस चुनाव में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत के साथ सुर्खियों में रहा। यहां कुल 89.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो इस चुनावी चरण में सबसे अधिक है। 30 विधानसभा सीटों के लिए हुए मतदान में कुल 10,14,070 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें महिला मतदाताओं की संख्या 5,39,125 रही, जबकि पुरुष मतदाता 4,74,788 और थर्ड जेंडर मतदाता 157 शामिल रहे। इसके अलावा 18-19 वर्ष आयु वर्ग के 24,156 युवा मतदाताओं ने भी पहली बार मतदान प्रक्रिया में हिस्सा लिया।

राजनीतिक रूप से यहां त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें सत्तारूढ़ गठबंधन, कांग्रेस-डीएमके और क्षेत्रीय दलों के बीच कड़ा संघर्ष माना जा रहा है।

असम में 85.65% मतदान, 722 उम्मीदवार मैदान में

असम (Assam) में भी इस बार मतदाताओं ने भारी उत्साह दिखाया और 85.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्य की 126 विधानसभा सीटों के लिए कुल 2,50,54,463 मतदाता पात्र थे, जिनमें पुरुष, महिला और थर्ड जेंडर मतदाता शामिल रहे। इस चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे कई सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के बीच माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी भी देखने को मिली।

केरल में 78.24% मतदान, 883 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

केरल (Kerala) में 78.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले चुनावों की तुलना में अधिक बताया जा रहा है। राज्य की 140 विधानसभा सीटों के लिए 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां कुल 2.69 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 1.38 करोड़ से अधिक महिला मतदाता और 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल रहे। इसके अलावा 277 थर्ड जेंडर मतदाता भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बने।

केरल में मुकाबला मुख्य रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है। राज्य में कई क्षेत्रों में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान देखने को मिला।

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