भारत की एयरलाइंस प्रभावित, ईरानी हवाई क्षेत्र बंद होने से operational चुनौती

भारत की एयरलाइंस प्रभावित, ईरानी हवाई क्षेत्र बंद होने से operational चुनौती

ईरानी एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइंस प्रभावित हुई हैं। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों को उड़ानों की स्थिति नियमित जांचने और वैकल्पिक रूट की जानकारी के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है।

New Delhi: ईरान के हवाई क्षेत्र के बंद होने का असर भारतीय विमानन कंपनियों पर साफ दिखाई देने लगा है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ सकता है। एयरलाइंस ने यात्रियों से हमेशा अपने फ्लाइट स्टेटस की जानकारी लेते रहने और एयरलाइन के संपर्क में बने रहने की सलाह दी है।

उड़ानों में बदलाव

एयर इंडिया की अमेरिका और यूरोप जाने वाली उड़ानों में सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। टाटा समूह की स्वामित्व वाली एयरलाइन ने दिल्ली से न्यूयॉर्क और न्यूआर्क जाने वाली दो उड़ानों और मुंबई से न्यूयॉर्क जाने वाली एक फ्लाइट रद्द कर दी है। इसके अलावा यूरोप के लिए संचालित कई उड़ानों में देरी की संभावना जताई गई है। एयर इंडिया ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक रूट अपनाए जा रहे हैं, जिससे कुछ उड़ानों में देरी या रद्द होने की स्थिति बनी।

इंडिगो की CIS, यूरोप और तुर्किये उड़ानों पर असर

इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी ईरानी एयरस्पेस बंद होने का असर पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, ताशकंद (उज्बेकिस्तान), अल्माटी (कजाकिस्तान), बाकू (अज़रबैजान) और त्बिलिसी (जॉर्जिया) के लिए उड़ानों में बदलाव किया गया है। ये सभी देश कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) में शामिल हैं। इसके अलावा यूरोप के कई शहरों और तुर्किये के इस्तांबुल के लिए उड़ानों पर भी असर पड़ा है। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक विकल्प और जानकारी उपलब्ध कराने का वादा किया है।

वैकल्पिक रूट से परिचालन में कठिनाई

एयर इंडिया आमतौर पर अमेरिका और यूरोप की उड़ानों के लिए ईरानी हवाई क्षेत्र का उपयोग करती है। ईरान का एयरस्पेस बंद होने के कारण वैकल्पिक रूप से इराकी एयरस्पेस का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह मार्ग लंबा होने के कारण कई अमेरिकी उड़ानों के लिए पर्याप्त ईंधन की समस्या पैदा करता है। इसी वजह से कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा। एयरलाइंस को लंबा रूट अपनाने में अधिक ईंधन खर्च करना पड़ रहा है, जिससे परिचालन लागत बढ़ रही है। पहले भी पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण एयर इंडिया को पश्चिमी देशों की ओर लंबा रूट अपनाना पड़ा था, जिससे अनुमानित नुकसान लगभग 4,000 करोड़ रुपये का था।

एयर इंडिया की फ्लाइट को लौटना पड़ा

दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI101 को ईरानी एयरस्पेस बंद होने के कारण उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही दिल्ली वापस लौटना पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि दिल्ली में लैंडिंग के दौरान घने कोहरे में टैक्सी करते समय विमान एक बाहरी वस्तु से टकरा गया, जिससे दाहिने इंजन को नुकसान पहुंचा। इस घटना के बाद एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक प्रबंध किए।

स्पाइसजेट ने भी जारी की एडवाइजरी

स्पाइसजेट ने कहा है कि ईरानी एयरस्पेस बंद होने के कारण कुछ उड़ानों पर असर पड़ सकता है। फिलहाल किसी भी फ्लाइट को रद्द नहीं किया गया है, लेकिन यात्रियों को स्थिति के अनुसार सतर्क रहने की सलाह दी गई है। एयरलाइन की टीमें स्थिति की निगरानी कर रही हैं और प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

ईरान-अमेरिका तनाव का असर

ईरान और अमेरिका के बीच हालिया तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान की तरफ वॉरशिप भेज दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय विमानन सेवाओं पर असर साफ दिखाई दे रहा है। सुरक्षा कारणों और सैन्य टकराव की आशंका के चलते ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। इससे न केवल भारतीय एयरलाइंस प्रभावित हो रही हैं बल्कि पूरे क्षेत्र में हवाई परिचालन अस्थिर हो गया है।

यात्रियों के लिए सलाह

एयरलाइंस ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी उड़ानों का स्टेटस समय-समय पर चेक करें। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट सभी यात्रियों को अपने संपर्क नंबर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपडेट रहने की सलाह दे रही हैं। यात्रियों को कहा गया है कि अगर किसी उड़ान को रद्द किया गया है, तो वैकल्पिक विकल्पों और रूटिंग के बारे में एयरलाइन की वेबसाइट या कस्टमर केयर से जानकारी प्राप्त करें।

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