भारत को मिल सकती है Olympics 2036 की मेजबानी? IOA CEO अय्यर बोले- 'अभी कहना जल्दबाजी होगी'

Indian Olympic Association (IOA) के CEO रघुराम अय्यर ने कहा कि भारत के लिए 2036 ओलंपिक्स की मेजबानी बेहद सकारात्मक संकेत है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी को लेकर काफी उत्साहित और आशान्वित है। भारत लंबे समय से ओलंपिक खेलों की मेजबानी का सपना देख रहा है और अब यह अवसर धीरे-धीरे करीब आता दिखाई दे रहा है।

Olympics 2036: भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है, लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का मानना है कि अभी मेजबानी को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। IOA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विषय पर खुलकर बात की और बताया कि भारत इस दौड़ में गंभीरता से शामिल है, लेकिन अंतिम निर्णय में समय लगेगा।

भारत की ओलंपिक मेजबानी की दावेदारी पर IOA का बयान

IOA के CEO रघुराम अय्यर ने कहा, हम यह मानना चाहेंगे कि हम बहुत सकारात्मक हैं, लेकिन फिर भी यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसे मेजबानी के अधिकार मिलेंगे, क्योंकि अब भी कई देश इसमें शामिल हो रहे हैं। भारत ने पिछले वर्ष औपचारिक रूप से 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए रुचि पत्र (Expression of Interest) प्रस्तुत किया था। 

इसके बाद से भारत, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के Future Host Commission के साथ निरंतर संवाद में है। हालांकि, मेजबान चयन की प्रक्रिया लंबी और चरणबद्ध होती है।

कतर भी होड़ में, मेजबानी की प्रक्रिया में बढ़ा प्रतिस्पर्धा का स्तर

भारत को मिल सकती है Olympics 2036 की मेजबानी? IOA CEO अय्यर बोले- 'अभी कहना जल्दबाजी होगी'

2036 ओलंपिक मेजबानी की दौड़ में अब कतर भी शामिल हो गया है। उसने IOC के साथ प्रारंभिक संवाद शुरू कर दिया है, जिससे भारत समेत अन्य देशों के सामने प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है। कतर की वैश्विक खेलों की मेजबानी में मजबूत पकड़ को देखते हुए यह भारत के लिए एक चुनौतीपूर्ण स्थिति बन सकती है।

IOA का मानना है कि 2036 के ओलंपिक मेजबान की घोषणा अगले दो वर्षों में होने की संभावना है, क्योंकि IOC ने फिलहाल पूरी प्रक्रिया को रोकने (pause) का निर्णय लिया है।

IOC के नए अध्यक्ष के आने से प्रक्रिया में हो सकता है बदलाव

रघुराम अय्यर ने यह भी बताया कि IOC में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है और नया अध्यक्ष कुछ संरचनात्मक बदलाव लाने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा: IOC के लिए यह सोचने का समय है। नए अध्यक्ष के नेतृत्व में IOC में बदलाव आ सकता है। अगले कुछ वर्षों में दिशा स्पष्ट होगी। इससे संकेत मिलता है कि IOC कुछ नीतिगत सुधारों और प्रक्रिया में बदलाव पर विचार कर रहा है, जिससे मेजबान चयन में देरी हो सकती है।

IOA के कार्यकारी सदस्य हरपाल सिंह ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) की मेजबानी पर भी बयान दिया। उन्होंने बताया कि कनाडा के दौड़ से हटने के बाद भारत की संभावना मजबूत हुई है। उन्होंने कहा: हमें पूरी उम्मीद है कि 2030 के राष्ट्रमंडल खेल भारत में आयोजित होंगे। प्रक्रिया अभी जारी है और अंतिम निर्णय नवंबर के आखिरी सप्ताह में ग्लास्गो में होने वाली महासभा में लिया जाएगा। यह फैसला उस समय आएगा जब राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) सभी संभावित मेजबानों से बातचीत कर लेगा।

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‘इंडिया प्लेज’ अभियान: 10 करोड़ लोगों को खेलों से जोड़ने की पहल

IOA एथलीट आयोग के उपाध्यक्ष और पूर्व टेबल टेनिस खिलाड़ी शरत कमल ने ‘इंडिया प्लेज’ नामक एक महत्वाकांक्षी अभियान की घोषणा की। यह अभियान 29 अगस्त, राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शुरू होगा। इसका उद्देश्य है:

  • 10 करोड़ भारतीयों को किसी न किसी खेल या फिटनेस गतिविधि से जोड़ना
  • देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना

जनसहभागिता को बढ़ाना ताकि भारत भविष्य में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए और अधिक तैयार हो सके। शरत कमल ने कहा: भारत तेजी से एथलीट-केंद्रित कार्यक्रमों की दिशा में बढ़ रहा है। 'इंडिया प्लेज' का उद्देश्य देशभर में खेलों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

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