प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में HCL-Foxconn के India Chip सेमीकंडक्टर संयंत्र का शिलान्यास किया। इससे भारत में तकनीकी आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा में एचसीएल-फॉक्सकॉन के सेमीकंडक्टर संयंत्र का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश आत्मनिर्भर होगा। इसके लिए भारत में निर्मित 'Made in India' चिप अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस पहल से देश की तकनीकी निर्भरता कम होगी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
Developed Bharat का निर्माण आत्मनिर्भरता पर आधारित
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब देश आत्मनिर्भर बनेगा। इसके लिए भारत में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स की मौजूदगी जरूरी है। कोविड-19 महामारी के दौरान वैश्विक चिप आपूर्ति में बाधा के कारण कई उद्योग प्रभावित हुए थे। इस अनुभव ने भारत को यह सीख दी कि घरेलू चिप निर्माण आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत ने इस संकट को अवसर में बदलने का संकल्प लिया है और देश में सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी का निर्माण किया जा रहा है।
HCL और Foxconn का संयुक्त उपक्रम
एचसीएल ग्रुप और फॉक्सकॉन का संयुक्त उपक्रम इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा के जेवर में एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्ट (OSAT) संयंत्र स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे उत्तर प्रदेश और पूरे भारत के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने वाला बताया। इस संयंत्र से 3,500 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की तेजी
प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपनी यात्रा थोड़ी देर से शुरू की थी, लेकिन अब यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में शक्ति का केंद्र तेल हुआ करता था, जबकि 21वीं सदी में यह शक्ति अब चिप्स में निहित है। भारत में निर्मित चिप्स आधुनिक उपकरणों के उत्पादन के लिए देश को वैश्विक आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहने देंगी।
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संयंत्र का तकनीकी विवरण
इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड में प्रति माह 20,000 वेफर यानी सिलिकॉन प्लेट का प्रसंस्करण किया जाएगा। यह संयंत्र देश की बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने के लिए बनाया गया है। इस परियोजना में अगले कुछ वर्षों में 3,700 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। संयंत्र का परिचालन 2028 तक शुरू होने की उम्मीद है।
रोजगार और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला का विकास
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस परियोजना से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला भी विकसित होगी। सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में स्थानीय पारिस्थितिकी भागीदारों को शामिल करने से उद्योग को नई गति मिलेगी। इस संयंत्र से भारत का सेमीकंडक्टर उत्पादन बढ़ेगा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी।
Digital India में Made in India का योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल उपकरणों के लिए आवश्यक चिप्स अब जेवर में ही निर्मित होंगी। इस परियोजना से डिजिटल स्क्रीन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में अब दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है।
उद्योग जगत का समर्थन
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जेवर न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण बन रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का विकास प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी दृष्टिकोण पर निर्भर करेगा। फॉक्सकॉन के सेमीकंडक्टर बिजनेस ग्रुप के अध्यक्ष बॉब चेन ने बताया कि उनका लक्ष्य भारत में विश्वसनीय असेंबली और टेस्टिंग संयंत्र स्थापित करना है और वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत की प्रगति में योगदान देना है।
संयुक्त उपक्रम से वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा
एचसीएल ग्रुप की चेयरपर्सन रोशनी नाडर ने कहा कि यह संयुक्त उपक्रम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करेगा। इस पहल से भारत के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता के नए अवसर खुलेंगे और 'Make in India' की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।








