सुपौल जिले के राघोपुर में वर्षों से प्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (ROB) अब आम जनता के लिए खुलने की कगार पर है। अधिकारियों के अनुसार 23 तारीख से इस ओवरब्रिज पर यातायात शुरू होने की संभावना है। लगभग 675 करोड़ रुपए की लागत से बने इस बहुचर्चित प्रोजेक्ट के चालू होते ही रेलवे फाटक पर लगने वाले रोजाना के जाम से लोगों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
राघोपुर का रेलवे फाटक लंबे समय से क्षेत्र की सबसे बड़ी यातायात समस्या बना हुआ था। दिनभर में कई बार फाटक बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र, मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस और छोटे-बड़े व्यापारी—सभी को घंटों जाम में फंसना पड़ता था। कई बार तो आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो जाती थीं। त्योहारों और बाजार के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता था।
इन्हीं परेशानियों को देखते हुए सरकार ने इस महत्वाकांक्षी ROB परियोजना को मंजूरी दी थी। करीब 675 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप किया गया है। पुल की संरचना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भारी वाहनों का दबाव भी आसानी से सहन किया जा सके। दोनों ओर चौड़ी एप्रोच रोड बनाई गई है, जिससे ट्रैफिक का प्रवाह बाधारहित रहेगा। पुल पर स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा रेलिंग, ड्रेनेज सिस्टम और दिशा संकेतक भी लगाए गए हैं।
ओवरब्रिज के चालू होने से न केवल जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलेगा। बाजार क्षेत्र में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। आसपास के ग्रामीण इलाकों से शहर तक पहुंचना आसान हो जाएगा और समय की बचत भी होगी।
प्रशासन ने बताया है कि अंतिम तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच के बाद 23 तारीख से वाहनों के आवागमन की अनुमति दी जा सकती है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि पुल चालू होने के बाद यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाएं। यह ओवरब्रिज राघोपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए राहत, सुविधा और विकास की नई शुरुआत साबित होने जा रहा है।









