भारत ने शेख हसीना को भारत में सुरक्षित और सुविधा संपन्न ठहरने का आश्वासन दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह मानवीय निर्णय है और किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होगा।
Bangladesh: भारत सरकार ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में ठहरने को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। हाल ही में बांग्लादेश के ट्रिब्यूनल कोर्ट में शेख हसीना को सजा दिए जाने और उसके बाद भारत को लेकर जारी किए गए पत्रों के बीच भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह स्पष्ट कर दिया कि शेख हसीना को भारत में जब तक आवश्यकता होगी, सुरक्षा और सुविधा प्रदान की जाएगी।
केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस मामले में कहा कि शेख हसीना को मानवीय आधार पर आश्रय दिया गया है और उनके ठहरने की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी दोहराया कि शेख हसीना जब चाहें भारत में रह सकती हैं। भारत की यह स्थिति बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों की राजनीतिक चालों के बीच एक मजबूत संदेश है।
युनूस की चालबाजी पर भारत का रुख
बांग्लादेश की सरकार ने शेख हसीना के भारत आने के बाद कई तरह की राजनीतिक टिप्पणियाँ की और भारत पर दबाव डालने की कोशिश की। इस दौरान युनूस ने शेख हसीना को लेकर कई रणनीतियाँ बनाई और पत्रों के माध्यम से भारत को संदेश भेजा।
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लेकिन भारत ने इस पूरी चालबाजी को एक स्पष्ट और मजबूत रुख के साथ नकार दिया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि शेख हसीना की सुरक्षा और सुविधा भारत की प्राथमिकता है और किसी भी बाहरी दबाव से यह स्थिति प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शेख हसीना का ठहरना किसी भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मानवीय जिम्मेदारी के आधार पर है।
शेख हसीना का भारत में स्वागत
भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि शेख हसीना अपने ठहरने के दौरान पूरी सुरक्षा और सुविधा के साथ रह सकती हैं। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि शेख हसीना जब पिछले साल भारत आई थीं, तब यह स्थिति विशेष परिस्थितियों में थी और भारत ने उनके ठहरने को लेकर सभी आवश्यक कदम उठाए।
उन्होंने बताया कि भारत ने शेख हसीना को आश्वासन दिया है कि वे यहां सुरक्षित रह सकती हैं और उनका कोई नुकसान नहीं होगा। यह कदम भारत की मानवीय और लोकतांत्रिक नीतियों का प्रमाण है। भारत ने पहले भी कई बार स्पष्ट किया है कि शेख हसीना का ठहरना सिर्फ सुरक्षा और सुविधा के लिए है और इसमें किसी भी राजनीतिक हस्तक्षेप की कोई जगह नहीं है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर ध्यान
विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत और बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत बांग्लादेश में विश्वसनीय लोकतांत्रिक प्रक्रिया को महत्व देता है। बांग्लादेश में चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।








