राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के लाल किले विस्फोट मामले में चार और आरोपियों को हिरासत में लिया। पटियाला हाउस कोर्ट ने उनकी हिरासत चार दिनों के लिए बढ़ाई। एजेंसी पूरे आतंकी मॉड्यूल की गहन जांच कर रही है।
New Delhi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली के लाल किले के बाहर 10 नवंबर 2025 को हुए विस्फोट मामले में गिरफ्तारी और जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। NIA ने इस मामले में चार और प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लिया है।
पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपियों को 10 दिनों की हिरासत अवधि पूरी होने के बाद पेश किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष NIA न्यायाधीश) अंजू बजाज चंदना ने बंद कमरे में हुई सुनवाई में आरोपियों की हिरासत चार और दिनों के लिए बढ़ा दी। एनआईए ने इस रिमांड का इस्तेमाल कर पूरे मामले की गहन जांच करने और आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करने का लक्ष्य रखा है।
हिरासत में लिए गए आरोपी
विशेष एनआईए अदालत ने चार आरोपियों की हिरासत बढ़ाई है। ये आरोपी हैं: पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) निवासी डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) निवासी डॉ. अदील अहमद राथर, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) निवासी डॉ. शाहीन सईद और शोपियां (जम्मू-कश्मीर) निवासी मुफ्ती इरफान अहमद वागे।

एनआईए ने बताया कि चारों आरोपियों को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हिरासत में लिया गया था। इससे पहले एजेंसी ने इस मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें आमिर राशिद अली शामिल हैं, जिसके नाम पर विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार पंजीकृत थी। दूसरा आरोपी जसीर बिलाल वानी उर्फ़ दानिश था, जिसने हमले में शामिल आतंकवादी को तकनीकी सहायता प्रदान की थी।
एनआईए की जांच का दायरा
एनआईए इस मामले में पूरी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सभी उपलब्ध सबूत जुटा रही है। एजेंसी ने कहा कि वह हमले के मॉड्यूल के प्रत्येक सदस्य का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के लिए विभिन्न राज्य पुलिस बलों के साथ मिलकर काम कर रही है।
केंद्र सरकार ने इस आतंकवादी हमले की जांच NIA को सौंपते ही एजेंसी ने देशभर में आतंकवाद-रोधी कार्रवाई तेज कर दी। एजेंसी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घटना में शामिल हर व्यक्ति को न्याय के सामने लाया जा सके। हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपियों से महत्वपूर्ण जानकारियाँ जुटाई जा रही हैं जो पूरे हमले की साजिश को उजागर कर सकती हैं।
अदालत में पेशी
पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपियों की पेशी विशेष एनआईए न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना के सामने हुई। बंद कमरे में हुई सुनवाई में अदालत ने NIA की मांग को स्वीकार करते हुए आरोपियों की हिरासत चार और दिनों के लिए बढ़ा दी। अदालत के इस आदेश का उद्देश्य NIA को और अधिक समय देना है ताकि वे पूरे मामले की गहन जांच कर सकें और आवश्यक सबूत जुटा सकें।
NIA ने हिरासत अवधि बढ़ाने के पीछे यह तर्क दिया कि आरोपियों की पूछताछ और जांच पूरी तरह से संपन्न होने के लिए अधिक समय आवश्यक है। एजेंसी ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह कदम पूरे मामले की पारदर्शिता और न्यायिक प्रक्रिया की मजबूती के लिए लिया गया है।













