पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिअद ने तैयारी तेज कर दी है। पार्टी प्रधान सुखबीर बादल गिद्दड़बाहा से चुनाव लड़ेंगे। यह सीट पिछली बार कमजोर रही थी। उनके कदम से पार्टी को क्षेत्र में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Punjab: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की रणभूमि में Shiromani Akali Dal (शिअद) ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के प्रधान और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने एलान किया है कि वह आगामी चुनाव में गिद्दड़बाहा से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि गिद्दड़बाहा के लोगों ने उनसे यह मांग की है कि वे इसी सीट से चुनाव मैदान में उतरें।
गिद्दड़बाहा में पिछले सालों में शिअद के लिए कोई दमदार नेता सामने नहीं आया था। हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों के आप में जाने के बाद पार्टी के लिए यह सीट चुनौतीपूर्ण बन गई थी। ऐसे में सुखबीर बादल की घोषणा से पार्टी को इस क्षेत्र में मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गिद्दड़बाहा में मुकाबला रौचक
जिला मुक्तसर के विधानसभा हलका गिद्दड़बाहा में अभी से चुनावी मुकाबला रोचक नजर आ रहा है। यह सीट हमेशा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। सुखबीर बादल के चुनाव लड़ने की घोषणा से विपक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।
सुखबीर बादल की चुनावी पृष्ठभूमि
सुखबीर बादल ने इससे पहले जलालाबाद सीट से कई बार चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने 2009 में जलालाबाद से उपचुनाव जीता और इसके बाद 2012 व 2017 में इसी सीट से जीत दर्ज की। हालांकि, 2022 के चुनाव में वह जलालाबाद सीट से हार गए थे।
गिद्दड़बाहा से उनका यह कदम परिवार की राजनीतिक विरासत को भी मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है। सुखबीर बादल के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी गिद्दड़बाहा और लंबी क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। लंबी सीट बादल परिवार की पैतृक सीट मानी जाती है, लेकिन पिछले चुनाव में यहां से पूर्व मुख्यमंत्री हार गए थे।
गिद्दड़बाहा में विपक्ष की तैयारी
गिद्दड़बाहा सीट से पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वडिंग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, पिछली बार उन्होंने इस सीट से उपचुनाव नहीं लड़ा था। ऐसे में यह सीट दोनों प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
शिअद के लिए यह जरूरी है कि पार्टी इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत करे, ताकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। सुखबीर बादल की घोषणा से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जोश देखा जा रहा है।
लंबी सीट और बादल परिवार की रणनीति
बादल परिवार की पैतृक सीट लंबी के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। सुखबीर बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल सांसद हैं और उनकी भागीदारी विधानसभा चुनाव में अभी तय नहीं हुई है। यदि हरसिमरत कौर चुनाव नहीं लड़ती हैं, तो संभव है कि सुखबीर बादल दो सीटों, यानी लंबी और गिद्दड़बाहा, से चुनाव मैदान में उतरें।
आगामी चुनाव की चुनौती
विधानसभा चुनाव 2027 अभी एक साल से अधिक दूर है, लेकिन गिद्दड़बाहा और लंबी सीटों पर मुकाबला पहले ही शुरू हो गया है। सुखबीर बादल की घोषणा ने चुनावी परिदृश्य को और भी रोचक बना दिया है। शिअद और कांग्रेस के बीच मुकाबला इस क्षेत्र में निर्णायक साबित हो सकता है।
पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अब चुनावी तैयारी में जुट गए हैं और अगले वर्ष होने वाले चुनाव तक गिद्दड़बाहा में संगठन को मजबूत करने की कोशिश करेंगे। आगामी चुनाव में जीत के लिए शिअद की रणनीति और उम्मीदवारों का प्रदर्शन महत्वपूर्ण होगा।










