नवी मुंबई के खारघर ओवे मैदान में 28 फरवरी और 1 मार्च को गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत पर ‘हिंद दी चादर’ शहीदी समागम होगा। कार्यक्रम में लाखों श्रद्धालुओं की भागीदारी और व्यापक प्रशासनिक व्यवस्था की गई है।
Mumbai: गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में नवी मुंबई के खारघर स्थित ओवे मैदान में 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 को ‘हिंद दी चादर’ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय शहीदी समागम में 18 से 20 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
यह कार्यक्रम गुरु तेग बहादुर के बलिदान, धर्मस्वातंत्र्य, मानवता और न्याय के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। देशभर में इस वर्ष शहीदी समागम के तहत कई जनजागरण कार्यक्रम किए जा चुके हैं और अब खारघर में होने वाला यह आयोजन विशेष महत्व रखता है।
पहले भी हो चुके हैं प्रमुख आयोजन
‘हिंद दी चादर’ शहीदी समागम वर्ष के अंतर्गत इससे पहले 7 दिसंबर 2025 को नागपुर और 24 तथा 25 जनवरी 2026 को नांदेड़ में कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। ये आयोजन अल्पसंख्यक विकास विभाग और शहीदी समागम राज्य समन्वय समिति के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुए।
अब इसी श्रृंखला में ओवे मैदान, खारघर, नवी मुंबई में यह भव्य आयोजन किया जा रहा है। कोंकण डिवीजन के डिविजनल कमिश्नर और राज्यस्तरीय समन्वय समिति के समन्वयक रामेश्वर नाईक ने जानकारी दी कि यह कार्यक्रम ऐतिहासिक स्तर पर आयोजित होगा।
प्रमुख नेताओं की उपस्थिति
इस शहीदी समागम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूरदृश्य प्रणाली के माध्यम से श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।
इसके साथ ही महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार, गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, तमिलनाडु के भाजपा नेता अण्णामलाई, योग गुरु बाबा रामदेव, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और साध्वी ऋतंभरा की उपस्थिति भी रहेगी।
सिख, सिकलीगर, बंजारा, लबाना, मोहयाल, सिंधी, वाल्मीकि, उदासीन और भगत नामदेव संप्रदाय के संत तथा रागी जत्थेदार भी इस आयोजन में शामिल होंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य

इस शहीदी समागम का मुख्य उद्देश्य गुरु तेग बहादुर के त्याग और बलिदान के संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है। गुरु तेग बहादुर को ‘हिंद दी चादर’ के रूप में सम्मानित किया जाता है क्योंकि उन्होंने धर्म और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
आयोजन समिति का मानना है कि यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने और धार्मिक सहिष्णुता, न्याय और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नगर कीर्तन और आध्यात्मिक कार्यक्रम
मुख्य आयोजन से एक दिन पहले 27 फरवरी को नगर कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु भक्ति और श्रद्धा के साथ भाग लेंगे।
दो दिवसीय कार्यक्रम में आध्यात्मिक प्रवचन, कीर्तन, ऐतिहासिक प्रदर्शनी और डिजिटल माध्यम से सूचना प्रसार जैसे कई उपक्रम शामिल रहेंगे। भव्य लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
विशाल स्तर पर की गई व्यवस्थाएं
कार्यक्रम में 18 से 20 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मुख्य मंडप में 80 हजार से 1 लाख लोगों के बैठने की क्षमता होगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 150 से अधिक विशेष NMMT बस सेवाएं चलाई जाएंगी। इसके अलावा 38 पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है। वीआईपी आगमन को ध्यान में रखते हुए 3 विशेष हेलिपैड तैयार किए गए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए आवास और स्वच्छता
श्रद्धालुओं के लिए 25 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। 1000 से अधिक अस्थायी शौचालय स्थापित किए गए हैं। स्वच्छता बनाए रखने के लिए 500 से अधिक कर्मचारी तैनात रहेंगे।
प्रशासन ने साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी है ताकि इतने बड़े आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्वास्थ्य सुविधाओं की विशेष तैयारी
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। 300 से अधिक डॉक्टर और पैरामेडिकल कर्मचारी तैनात रहेंगे। 15 से अधिक अस्थायी चिकित्सा केंद्र बनाए गए हैं। एक अस्थायी आईसीयू केंद्र भी स्थापित किया गया है।
निकटवर्ती अस्पतालों में 350 बेड आरक्षित रखे गए हैं, जिनमें 75 आईसीयू बेड शामिल हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी।
स्वयंसेवकों की भागीदारी
इस भव्य आयोजन में 10 हजार से अधिक स्वयंसेवक सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे लंगर सेवा, भीड़ प्रबंधन, मार्गदर्शन और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। समाज के विभिन्न घटकों की भागीदारी इस कार्यक्रम को विशेष बनाती है।












