भारत वैश्विक शांति में निभा सकता है अहम भूमिका: राजनाथ सिंह ने जर्मनी दौरे पर दिया बड़ा संदेश

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी दौरे के दौरान वैश्विक शांति में भारत की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश

भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने जर्मनी दौरे के दौरान अपने संबोधन में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि Narendra Modi के नेतृत्व में भारत हमेशा संतुलित, जिम्मेदार और समझदारी भरी विदेश नीति पर चलता रहा है।

नई दिल्ली: जर्मनी के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-इजराइल जैसे संघर्षों को लेकर भारत के रुख को स्पष्ट किया। बर्लिन में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत ने हमेशा संतुलित और व्यावहारिक विदेश नीति अपनाई है।

उन्होंने संकेत दिया कि भविष्य में भारत अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ भूमिका निभा सकता है, हालांकि इसके लिए सही समय और परिस्थितियां आवश्यक हैं।

पश्चिम एशिया संकट पर भारत का संतुलित दृष्टिकोण

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान-इजराइल संघर्ष पर पूछे गए सवालों के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और संवाद का समर्थन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी संघर्ष में पक्ष नहीं लेता, बल्कि समाधान और स्थिरता की दिशा में काम करता है। उनके अनुसार, भारत की नीति “सभी के साथ अच्छे संबंध और किसी के खिलाफ नहीं” की रही है, जो उसे वैश्विक मंच पर एक भरोसेमंद देश बनाती है।

राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भारत का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में देश अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि हर संकट का समाधान समय और सही कूटनीतिक प्रयासों पर निर्भर करता है, लेकिन भारत हमेशा शांति प्रक्रिया का समर्थन करता रहेगा।

भारत वैश्विक शांति में निभा सकता है अहम भूमिका: राजनाथ सिंह ने जर्मनी दौरे पर दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का उल्लेख

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है।उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति और अन्य वैश्विक नेताओं से बातचीत कर शांति की अपील की है। यह दर्शाता है कि भारत केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक शांति प्रयासों में भी सक्रिय भागीदार बन चुका है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की संतुलित विदेश नीति के कारण ही देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों से भारतीय जहाज सुरक्षित गुजर सके, जबकि कई अन्य देशों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। यह भारत की कूटनीतिक मजबूती और रणनीतिक संतुलन का परिणाम है।

अपने दौरे के दौरान राजनाथ सिंह ने जर्मनी के साथ भारत के बढ़ते संबंधों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह उनका पहला आधिकारिक जर्मनी दौरा है और वे जर्मन रक्षा मंत्री Boris Pistorius के निमंत्रण पर वहां पहुंचे हैं। वर्ष 2026 भारत और जर्मनी के लिए खास है क्योंकि दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

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