राजस्थान के जालोर में दर्दनाक हादसा: बिजली कर्मी की करंट से मौत, मौके पर आ रहे पिता सड़क दुर्घटना में घायल

जालोर में बिजली फॉल्ट ठीक करते समय युवक की करंट से मौत हो गई, शव 5 घंटे तक तारों पर लटका रहा। सूचना पर आ रहे पिता का रस्ते में एक्सीडेंट, दोनों पैर टूटे।

राजस्थान के जालोर में 11KV लाइन पर काम कर रहे युवक की करंट लगने से मौत हो गई और शव घंटों तारों पर लटका रहा। हादसे की सूचना पर पहुंचे पिता का भी एक्सीडेंट हो गया, जिसमें उनके दोनों पैर टूट गए।

जालौर: राजस्थान के Jalore जिले में एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां बिजली फॉल्ट ठीक करने के दौरान एक कर्मचारी की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के बालवाड़ा गांव में बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुआ।

मृतक की पहचान 35 वर्षीय अखाराम मेघवाल के रूप में हुई है, जो एफआरटी (Fault Repair Team) के सदस्य थे। जानकारी के अनुसार, उन्हें इलाके में बिजली फॉल्ट ठीक करने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने जीएसएस से शटडाउन लेकर 11KV लाइन पर काम शुरू किया, लेकिन इसी दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई।

बताया जा रहा है कि बिना पुष्टि के लाइन को दोबारा चालू कर दिया गया, जिससे अखाराम को तेज करंट लगा और वह बिजली के तारों पर ही लटक गए। करंट का झटका इतना जोरदार था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

5 घंटे तक तारों पर लटका रहा शव, प्रशासन पर उठे सवाल

हादसे के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक का शव करीब 5 घंटे तक बिजली के खंभे और तारों पर ही लटका रहा। स्थानीय ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

परिजनों का आरोप था कि घटना के कई घंटे बाद तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में बिजली विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत हुई, जिसमें मुआवजे को लेकर सहमति बनी।

बिजली विभाग के अधिकारी लालचंद के अनुसार, मृतक के परिवार को 11 लाख रुपये मुआवजा देने और अन्य सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी, जिसके बाद शव को नीचे उतारा गया।

राजस्थान के जालोर में दर्दनाक हादसा: बिजली कर्मी की करंट से मौत, मौके पर आ रहे पिता सड़क दुर्घटना में घायल

हादसे की सूचना मिलते ही पिता के साथ भी हुआ एक्सीडेंट

इस दुखद घटना ने उस समय और भी भयावह रूप ले लिया, जब मृतक के पिता रूपाराम को बेटे की मौत की खबर मिली। वे तुरंत बाइक से घटनास्थल के लिए रवाना हुए, लेकिन रास्ते में एक कैंपर वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

इस सड़क दुर्घटना में रूपाराम के दोनों पैर टूट गए और उनके सिर के पीछे गंभीर चोट आई। उनके साथ बाइक पर सवार दो अन्य लोग—पप्पूराम और वालाराम—भी घायल हो गए, जिनके भी पैर टूटने की सूचना है। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

लापरवाही पर सवाल, जांच की मांग तेज

घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बिना उचित समन्वय के लाइन चालू करना घोर लापरवाही है, जिसके कारण एक जान चली गई।

परिजनों ने आरोप लगाया कि जब कर्मचारी लाइन पर काम कर रहा था, तब सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

एफआरटी कर्मचारियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में कार्यरत एफआरटी कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। ये कर्मचारी अक्सर हाई वोल्टेज लाइनों पर जोखिम भरे हालात में काम करते हैं, लेकिन कई बार पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और समन्वय की कमी देखने को मिलती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए “लॉकआउट-टैगआउट” जैसी सख्त प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाता है कि लाइन पूरी तरह बंद है और बिना अनुमति के चालू नहीं की जा सकती।

ग्रामीणों में आक्रोश, बेहतर सुरक्षा की मांग

घटना के बाद बालवाड़ा गांव और आसपास के क्षेत्रों में गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त नियम लागू किए जाएं और कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा दी जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि मुआवजा देना जरूरी है, लेकिन इससे भी ज्यादा जरूरी है कि ऐसी घटनाओं को रोका जाए।

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