भारतीय सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है, जो भारतीय सेना की बहादुरी, समर्पण और गौरव को सम्मानित करता है। सेना की स्थापना 1895 में प्रेसिडेंसी आर्मी के रूप में हुई थी और स्वतंत्रता के बाद इसे आधुनिक भारतीय सेना का रूप मिला। यह दिन देशवासियों को सेना की वीरता और सेवा की याद दिलाता है।
Indian Army Day 2026: आज पूरे भारत में 15 जनवरी को भारतीय सेना दिवस मनाया जा रहा है, जो सेना के साहस, समर्पण और इतिहास को याद करने का अवसर है। यह दिन 1895 में प्रेसिडेंसी आर्मी के गठन और 1949 में भारत के पहले भारतीय सेना प्रमुख फील्ड मार्शल केएम करियप्पा के पदभार संभालने की ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़ा है। पूरे देश में परेड और सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं, ताकि सैनिकों के योगदान और देशभक्ति की भावना को सम्मान दिया जा सके।
भारतीय सेना का इतिहास और गठन
भारतीय सेना की शुरुआत ईस्ट इंडिया कंपनी की सेनाओं से हुई थी। आधुनिक भारतीय सेना का गठन 1 अप्रैल 1895 को हुआ था, जब इसे प्रेसिडेंसी आर्मी के रूप में स्थापित किया गया। उस समय सेना की कमान ब्रिटिश अधिकारियों के पास थी और भारतीय अधिकारियों की संख्या सीमित थी। ब्रिटिश अधिकारियों और भारतीय वायसराय कमीशंड ऑफिसर (VCOs) के नेतृत्व में सेना का संचालन होता था।
1930 में भारतीयकरण की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसका उद्देश्य धीरे-धीरे ब्रिटिश अधिकारियों की जगह भारतीय अधिकारियों को लाना था। स्वतंत्रता से पहले भारतीय सेना का संगठन और प्रशिक्षण पूरी तरह ब्रिटिश नियंत्रण में था, लेकिन इसके बावजूद भारतीय सैनिकों की बहादुरी और निष्ठा हमेशा उदाहरण रही।
आजादी के बाद सेना का स्वरूप
1947 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद ब्रिटिश भारतीय सेना को दो भागों में बाँट दिया गया। अधिकतर इकाइयां भारत के पास रही, जबकि कुछ गोरखा रेजिमेंट्स ब्रिटिश सेना में स्थानांतरित कर दी गईं। स्वतंत्र भारत में सेना का नाम अब भारतीय सेना पड़ा और इसे थल सेना, वायुसेना और नौसेना के माध्यम से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने का जिम्मा मिला।
आज भारतीय सेना दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी सेना है और इसे विश्व की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक माना जाता है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। भारतीय सेना न केवल देश की सुरक्षा करती है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं, आतंकवाद और सीमा विवाद में भी अग्रिम पंक्ति में रहती है।

भारतीय सेना दिवस की शुरुआत
भारतीय सेना दिवस का आयोजन पहली बार 15 जनवरी 1949 को किया गया। उस दिन भारत को पहला भारतीय सेना प्रमुख फील्ड मार्शल केएम करियप्पा मिला। इससे पहले सेना के अध्यक्ष ब्रिटिश मूल के होते थे। 15 जनवरी को सेना दिवस मनाने का निर्णय इसी ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए लिया गया। इस दिन पूरे देश में परेड, सम्मान समारोह और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें सैनिकों के साहस और योगदान को सम्मानित किया जाता है।
सेना दिवस के महत्व के बारे में
भारतीय सेना दिवस केवल सैनिकों को सम्मान देने का दिन नहीं है। यह हर भारतीय नागरिक को देशभक्ति और साहस की भावना से जोड़ने का भी अवसर है। सेना का इतिहास हमें याद दिलाता है कि देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए बलिदान और समर्पण कितने महत्वपूर्ण हैं। इस दिन स्कूल, कॉलेज और विभिन्न संस्थानों में सेना की भूमिका और वीरता पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
देश के लिए सेवा और समर्पण
भारतीय सेना के जवान कठिन परिस्थितियों में भी देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। सीमाओं पर आतंकवाद और घुसपैठ से लेकर प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्यों तक, सैनिक हर परिस्थिति में देशवासियों की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी निष्ठा और समर्पण के बिना देश की सुरक्षा असंभव है।













