तमिलनाडु की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर लगभग सहमति बन चुकी है।
चेन्नई: Tamil Nadu में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। खबर है कि Indian National Congress और सत्ताधारी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के बीच सीट शेयरिंग लगभग तय हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, डीएमके ने कांग्रेस को 28 विधानसभा सीटों के साथ एक Rajya Sabha सीट देने का प्रस्ताव दिया है।
बताया जा रहा है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता P. Chidambaram और डीएमके अध्यक्ष व मुख्यमंत्री M. K. Stalin के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों दलों में सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है।
शीर्ष नेताओं के बीच हुई अहम बैठक
सीट शेयरिंग को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने मुख्यमंत्री और DMK अध्यक्ष एम. के. स्टालिन से उनके आवास पर मुलाकात की। बताया जा रहा है कि यह बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा हुई।
सूत्रों का कहना है कि इस बातचीत के बाद दोनों दलों के बीच अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई है और गठबंधन जारी रखने पर सकारात्मक संकेत मिले हैं।
पिछले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2021 में कांग्रेस ने राज्य की कुल 234 सीटों में से 25 सीटों पर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस इस बार अपने हिस्से में अधिक सीटें चाहती थी।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व ने शुरू में 30 से 39 सीटों और दो राज्यसभा सीटों की मांग की थी। हालांकि लंबी बातचीत और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अंततः 28 सीटों पर सहमति बनने की खबर है।

DMK और सहयोगी दलों के बीच सीटों का बंटवारा
तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस को 28 सीटें मिलने के बाद बाकी सीटों पर DMK और उसके सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे। DMK गठबंधन में अन्य दलों को भी शामिल करने की रणनीति पर काम कर रही है। इस गठबंधन में अभिनेता और राजनेता कमल हासन की पार्टी मक्कल निधि मय्यम (MNM) भी शामिल हो सकती है। हालांकि MNM को कितनी सीटें दी जाएंगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में इस पर भी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।
DMK और कांग्रेस का गठबंधन तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। दोनों दल केंद्र और राज्य स्तर पर कई मुद्दों पर एकजुट नजर आते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनाव में यह गठबंधन सत्तारूढ़ DMK के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम हो सकता है।












