हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अंबाला निवासी कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने वंचित वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया। वहीं भाजपा ने करनाल के पूर्व सांसद संजय भाटिया को अपना उम्मीदवार बनाया है।
पंचकूला: हरियाणा से आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने कर्मवीर सिंह बौद्ध को अपना उम्मीदवार बनाया है। कर्मवीर सिंह बौद्ध अंबाला जिले के निवासी हैं और वंचित समुदाय से आते हैं। उनका नाम कांग्रेस के आलाकमान द्वारा अंतिम रूप से तय किया गया है और इसका औपचारिक ऐलान कर दिया गया है।
कर्मवीर सिंह बौद्ध राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रशासनिक अनुभव दोनों रखते हैं। वह पूर्व सिविल सचिवालय अधीक्षक रह चुके हैं और करीब 5 साल पहले इस पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी पत्नी लेबर डिपार्टमेंट में असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। कांग्रेस ने उनका नाम राज्यसभा चुनाव के लिए इसलिए चुना है ताकि पार्टी वंचित वर्ग को प्रतिनिधित्व प्रदान कर सके।
राजनीतिक यात्रा और पिछला अनुभव
कर्मवीर सिंह बौद्ध का राजनीतिक सफर नया नहीं है। वह 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में मुलाना सीट से कांग्रेस टिकट के दावेदार रहे थे। हालांकि, उन्हें उस समय टिकट नहीं मिला, लेकिन अब राज्यसभा के लिए उन्हें पार्टी ने प्रमुख उम्मीदवार के रूप में चुना है। उनका प्रशासनिक अनुभव और सरकारी कामकाज की समझ उन्हें इस पद के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाती है।

कर्मवीर सिंह बौद्ध का सिविल सेवा में अनुभव उन्हें न केवल प्रशासनिक मामलों में निपुण बनाता है, बल्कि कानून और नीति निर्माण की प्रक्रियाओं में भी उन्हें दक्ष बनाता है। इससे उनकी राज्यसभा में भूमिका प्रभावी होने की संभावना बढ़ जाती है।
कांग्रेस का रणनीतिक फैसला
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में इस बार वंचित वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का संदेश भी देने के लिए कर्मवीर सिंह बौद्ध का नाम चुना है। इससे पार्टी अपने सामाजिक संदेश को मजबूत करना चाहती है और चुनावी समीकरणों में अपनी स्थिति को बेहतर बनाना चाहती है।
कांग्रेस के भीतर पहले अशोक तंवर और उदय भान के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन अंततः कर्मवीर सिंह बौद्ध को चुना गया। यह कदम पार्टी की रणनीति और सामाजिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया माना जा रहा है।
भाजपा ने घोषित किया अपना उम्मीदवार
वहीं, भाजपा ने हरियाणा से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में करनाल के पूर्व सांसद संजय भाटिया का नाम घोषित कर दिया है। भाजपा ने साफ किया है कि वह राज्यसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार को भेजने के लिए पूरी तैयारी कर चुकी है।

भाजपा का यह कदम स्पष्ट रूप से कांग्रेस की ओर से उम्मीदवार घोषित करने के बाद की रणनीति के अनुरूप है। पार्टी पहले भी पिछले राज्यसभा चुनाव में अपने समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा कर कांग्रेस की सीट पर खेल कर चुकी है। इस बार भी भाजपा इस रणनीति को दोहराने की योजना बना रही है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव का समीकरण
हरियाणा में इस बार दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 तारीख को चुनाव होना तय है। प्रदेश की 90 सदस्यीय विधानसभा में विधायकों के संख्या बल के अनुसार एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है।
हालांकि, पिछले चुनावों की तरह भाजपा इस बार भी कांग्रेस की सीट पर खेल कर सकती है। पार्टी ने पहले अपने समर्थन से निर्दलीय उम्मीदवारों को खड़ा करके कांग्रेस की सीट पर कब्जा किया था। अब भी यही रणनीति अपनाई जा सकती है। इस स्थिति में कांग्रेस के लिए यह चुनौतीपूर्ण मुकाबला साबित हो सकता है।












