भोपाल का युवक झालावाड़ में प्रेमिका के परिजनों द्वारा बंधक बनाकर पीटा गया। राजस्थान पुलिस ने उसे रविवार रात सुरक्षित मुक्त किया। मेडिकल जांच और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। युवक परिजन के साथ भोपाल लौट सकता है।
Madhya Pradesh: रविवार रात को राजस्थान पुलिस ने सोनू को मुक्त कराया। पुलिस का कहना है कि युवक का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है ताकि उसके स्वास्थ्य और उत्पीड़न के प्रमाण मिले। उसके बाद पुलिस बयानों को दर्ज करेगी। मेडिकल रिपोर्ट और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। युवक के परिजन रविवार की रात झालावाड़ के लिए रवाना हो गए थे। सोमवार तक सोनू परिजनों के साथ भोपाल लौट सकता है।
मामला कैसे सामने आया
रविवार दोपहर युवक के परिजन भोपाल के कोलार थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि सोनू को बंधक बनाकर बीयर की बोतल में पेशाब पिलाया गया और उसकी जमकर मारपीट की गई।
भोपाल पुलिस ने यह सूचना राजस्थान पुलिस को दी, जिसके बाद युवक को सुरक्षित मुक्त किया गया। पुलिस के इनपुट और परिजन की शिकायत से मामला गंभीरता से लिया गया।
प्रेम-प्रसंग और घटनाक्रम
पीड़ित सोनू के अनुसार उसका प्रेम-प्रसंग झालावाड़ जिले के ग्राम पुलोरो निवासी युवती से चल रहा था। युवती करीब 15 दिन पहले भोपाल आई थी और सोनू के साथ रहने लगी। करीब दस दिन पहले युवती के परिजन उसे समझाकर अपने गांव ले गए। तीन दिन पहले युवती ने ही सोनू को कॉल कर गांव बुलाया और साथ ले जाने की बात कही।
सोनू जब झालावाड़ पहुंचा, तब युवती के परिजन और कुछ गांववाले उसे पकड़कर बंधक बना लिया। उसके साथ मारपीट की गई और परिजनों ने दावा किया कि उनके पास इसका वीडियो भी मौजूद है।
पेशाब पिलाने और उत्पीड़न के आरोप
युवक के परिजन का आरोप है कि बंधक बनाए जाने के दौरान सोनू को बीयर की बोतल में पेशाब पिलाया गया। इस दौरान युवक पर मारपीट की गई और मानसिक उत्पीड़न किया गया।
राजस्थान पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनू को सुरक्षित मुक्त कराया और मेडिकल जांच शुरू की। पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों की चिंता
इस घटना ने परिवार और समाज में चिंता बढ़ा दी है। युवक के परिजन इसे गंभीर मान रहे हैं और सोनू के सुरक्षित लौटने तक सतर्क रहेंगे। पुलिस ने कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी।
युवक की सुरक्षित वापसी और मामले की जांच से यह स्पष्ट होगा कि प्रेम-प्रसंग के चलते उत्पीड़न और बंधक बनाने जैसी घटनाओं पर कानून सख्ती से कार्रवाई करता है।











